वायदा कारोबार का समय बढ़ाने का फैसला टाल सकता है Sebi

बिजनेस डेस्कः पूंजी बाजार नियामक सेबी की शेयर बाजार के वायदा कारोबार (इक्विटी डेरिवेटिव्स) सेग्मेंट में ट्रेडिंग की समय सीमा बढ़ाने की योजना आगे बढ़ सकती है। मई में सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को रात 11.55 बजे तक इक्विटी डेरिवेटिव कारोबार की अनुमति दी थी। नियामक ने कहा था कि कारोबार की नई समयावधि 1 अक्टूबर से लागू होगी।

एक रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले में देरी की वजह नियामक द्वारा प्रस्तावित विस्तार से जुड़े कुछ मामलों को हल करने में सक्षम नहीं होना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि  निपटारे की प्रक्रिया, जोखिम प्रबंधन प्रणाली, व्यापार स्थिति की निगरानी और निगरानी तंत्र के लिए विस्तृत ढांचे को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। रिपोर्ट के मुताबिक देरी के पीछे मुख्य कारण स्टॉक एक्सचेंजों और ब्रोकरों के बीच सर्वसम्मति की कमी है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि विस्तारित घंटों में कौन से उत्पादों की पेशकश की जाएगी।

अभी इक्विटी नकदी और डेरिवेटिव में कारोबार सुबह 9 बजे से 3.30 बजे तक होता है। जहां तक नकदी बाजार के समय की बात है, चीन व टोक्यो के कारोबारी घंटे छोटे हैं, वहीं अमेरिका व भारत में इसकी समयावधि एक जैसी है। दूसरी ओर यूरोप के बाजार में कारोबारी घंटे लंबे होते हैं।
 

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