Kundli Tv- श्रावण मास में मां चिन्तपूर्णी के मेले शुरू

ये नहीं देखा तो क्या देखा (देखें VIDEO)

जालंधर (शास्त्री):श्रावण मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से शुरू होने वाले पावन मेले आज से शुरू होने जा रहे हैं जिसके तहत लोगों में भारी उत्साह पाया जा रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा मां चिन्तपूर्णी के दरबार में हाजिरी लगाकर मां के दरबार में अर्जियां लगाई जाती हैं। वैसे तो पूरा श्रावण मास मां चिन्तपूर्णी जी व शिव-पार्वती जी की पूजा के लिए महत्व रखता है लेकिन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से अष्टमी तक इस मेले में लोगों की अभूतपूर्व आस्था देखने को मिलती है। उक्त मेला तो अब लगभग शुरू हो चुका है जिसके तहत उक्त पूरे मार्ग में लगभग होशियारपुर से लेकर मां चिन्तपूर्णी के दरबार तक लोग जहां विभिन्न वाहनों से पहुंच रहे हैं वहीं पर उक्त मार्ग पर पैदल मां के भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस दौरान साइकिलों पर सवार जत्थे मां की भजन भेंटें गाते-सुनते व मां के जय-जयकार करते हुए जा रहे हैं।


दर्शन पर्ची स्थान को लेकर कुछ मतभेद सामने आ रहे हैं
मेले के दौरान लोगों की भीड़ पर काबू पाने के लिए मंदिर न्यास (प्रशासन) द्वारा कोशिश की जाती है कि श्रद्धालु लाइनों में लगकर आस्थापूर्वक दर्शन करें जिसके लिए प्रशासन एवं न्यास द्वारा पर्ची सिस्टम शुरू किया गया है। यह बात सही है कि लोगों की डिमांड है कि पर्ची सिस्टम एक जगह की बजाय 3 जगह होनी चाहिए ताकि भक्तों को पर्ची लेने और दर्शन करने में कोई असुविधा न हो। इससे पहले गत कई वर्षों से उक्त दर्शन पर्ची पुराने बस स्टैंड में ही वितरित की जाती थी लेकिन वहां के पुजारियों व क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के उपरोक्त फैसले के प्रति रोष जाहिर किया। 


उनका कहना है कि 40 प्रतिशत लोग तलवाड़ा-पठानकोट की तरफ से शम्भू बैरियर होते हुए यहां पहुंचते हैं जिसके तहत उन्होंने प्रशासन से अपील की कि उक्त पर्ची काऊंटर शम्भू बैरियर समनोली नजदीक नए बस स्टैंड पर लगाया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। क्योंकि पुराने बस स्टैंड पर उक्त पर्ची के वितरण से भारी असुविधा उत्पन्न होगी क्योंकि वहां जगह बहुत तंग है।


मेले से पूर्व समूचे प्रबंध मुहैया करवाए प्रशासन एवं न्यास : अविनाश कपूर
इस दौरान लाला जगत नारायण धर्मशाला के पदाधिकारी अविनाश कपूर ने मंदिर न्यास व प्रशासन को सुझाव देते हुए अपील की कि पर्ची काऊंटर (दर्शानार्थ) शम्भू बैरियर के पास होना चाहिए।

सफाई की व्यवस्था पूरे मंदिर क्षेत्र में होनी चाहिए।

पानी के टैंकरों को पानी की सप्लाई में प्रशासन की तरफ से पूरी सुविधा व सहयोग दिया जाए।

डी.डी.टी. व दवाई का छिड़काव होना जरूरी है ताकि जहरीले कीट-मच्छर आदि से बचाव हो सके।

अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था भी पूर्णत: हो ताकि जगह-जगह गंदगी न फैले।

मेले के दौरान अतिरिक्त लाइटें जगह-जगह लगाई जाएं।

तलवाड़ा बाईपास व समनोली बाईपास की हालत बहुत दयनीय है, इन्हें सुधारा जाए। इसके अलावा मेन सड़क की मुरम्मत भी की जाए।

मेले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा प्रबंध भी मजबूत हो ताकि कोई भी शरारती तत्व भक्तों को परेशानी न दे। इसके अलावा नई पार्किंग व्यवस्था भी प्रशासन करवाए।


सरकार के आदेशानुसार प्लास्टिक-थर्मोकोल पर प्रतिबंध से लंगर लगाने वाली संस्थाओं को होगी बहुत परेशानी सरकार द्वारा प्लास्टिक, थर्मोकोल पर प्रतिबंध लगाने से लंगर लगाने वाली संस्थाओं में परेशानी तो होगी पर लोगों का कहना है कि संस्थाओं द्वारा लोगों की सुविधाओं हेतु मिनरल वाटर उक्त वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। इस बार प्रशासन की तरफ से स्पष्ट कहा जा रहा है कि मेले के दौरान गिलास पाऊच पर प्रतिबंध रहेगा जबकि छोटी बोतल और एक लीटर पानी की बोतल श्रद्धालु प्रयोग कर सकते हैं।


इस दौरान देखने को मिला कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन पूर्णत: मेले में समूचे संबंधित प्रबंधों हेतु सतर्कता से कार्य कर रहे हैं ताकि आने वाले भक्तों को किसी भी तरह कोई परेशानी न हो।


पंजाबियों में भारी उत्साह देखने को मिलता है मेले के दौरान
मेले के दौरान पंजाब के लोगों में सेवा-आस्था का जज्बा भरपूर देखने को मिलता है। इन दिनों न जाने कितने प्रकार के व्यंजन मां के भक्तों की सेवा में अर्पित किए जाते हैं, वहीं पर आराम करने की व्यवस्था, वाहनों की नि:शुल्क रिपेयर, मैडीकल सुविधा के साथ-साथ भक्ति व आस्था को मजबूत करने हेतु जगह-जगह मां के जगराते, डी.जे. लगाकर मां की भेंटों की धुनों पर नाचते हुए भक्तजन देखे जाते हैं।


चिन्तपूर्णी के नए काम्पलैक्स में मिलेगी दर्शन पर्ची
इसी उपलक्ष्य में डी.सी. राकेश कुमार प्रजापति चिन्तपूर्णी के मेले के प्रबंधों का जायजा लेने पधारे। उनके साथ एस.डी. अम्ब सुनील वर्मा, मंदिर अधिकारी अवनीश शर्मा के अलावा पी.डब्ल्यू.डी. और आई.पी.एच. के अधिकारी भी मौजूद हुए। उन्होंने शम्भू बैरियर से लेकर तलवाड़ा बाईपास, मोहन बाईपास, नए काम्पलैक्स और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मेले के दौरान 1200 पुलिस कर्मचारी अपनी ड्यूटियां देंगे।


इस मौके पर बताया गया कि भरवाईं तक मंदिर न्यास ही लंगर लगाने वालों को अनुमति देगा तथा उसकी फीस 15,000 रुपए प्रति लंगर होगी जिसके तहत 5,000 रुपए की वापसी होगी। आगे भरवाईं से मुबारिकपुर तक संबंधित क्षेत्रों की पंचायतें लंगर लगाने वालों को परमिशन देगी। उन्होंने लंगर लगाने वाली समूह संस्थाओं से अपने आसपास सफाई व्यवस्था मजबूत रखने हेतु भी अपील की। मेला क्षेत्र व आसपास सड़कों की मुरम्मत करवाने हेतु भी निर्देश दिए गए ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। बताया गया है कि मेले के दौरान अधिक से अधिक अस्थायी शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 2 एम्बुलैंस और व्हीलचेयर नए काम्पलैक्स में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।


श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शनार्थ प्रबंध मजबूत करे प्रशासन : रविंद्र छिंदा 
वारीदार सभा चिंतपूर्णी के प्रधान सुरिंद्र छिंदा ने बताया कि मेले के दौरान लाखों की संख्या में पधारने वाले भक्तों हेतु जहां सुरक्षा प्रबंध मजबूत होने चाहिएं वहीं पर विशेषकर विचार, शारीरिक रूप से अस्वस्थ्य लोगों के लिए दर्शनार्थ प्रबंध भी मजबूत होने चाहिएं तथा दर्शनार्थ पर्ची लगभग आसपास जिन मार्गों से श्रद्धालुओं का अधिक आना-जाना हो उन्हीं स्थानों पर दर्शनार्थ पर्ची का प्रबंध प्रशासन व मंदिर न्यास करे ताकि लोगों को यहां वहां न भटकना पड़े। 

जानें, क्यों निकाली जाती है कांवड़ यात्रा

Related Stories:

RELATED Kundli Tv- यंत्रों के राजा को घर लाएं और महाराजा बन जाएं