RSS ने समलैंगिक संबंध को बताया अप्राकृतिक, कहा- यह अपराध भी नहीं

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि समलैंगिक संबंध अपराध नहीं होने के बावजूद अप्राकृतिक होते हैं और संघ इन्हें बढ़ावा नहीं देता है। समलैंगिकता को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की तरह हम भी इस तरह के संबंधों को अपराध नहीं मानते हैं ।


इसके साथ ​ही अरुण कुमार ने कहा कि समलैंगिक संबंध और रिश्ते प्राकृतिक नहीं होते हैं और ना ही हम इस प्रकार के संबंधों को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि परंपरा से भारत का समाज भी इस प्रकार के संबंधों को मान्यता नहीं देता। मनुष्य सामान्यतः अनुभवों से सीखता है इसलिए इस विषय को सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक स्तर पर ही संभालने की आवश्यकता है।


बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से समलैंगिक संबंध को अपराध की श्रेणी से आज बाहर कर दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सहमति के एक फैसले में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 377 को चुनौती देने वाली याचिकाओं को निरस्त कर दिया। 

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