रोहित शेखर हत्याकांड: अपूर्वा की चालाकी नहीं आई काम, अपने ही जाल में फंसी

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): समय रात करीब 11.25 पर अपूर्वा पहली मंजिल पर लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई, हालांकि उसके बाद दूसरा कैमरा खराब था लेकिन उसके बाद उस कमरे में न आता न ही कोई जाता दिखाई दिया। यही नहीं 16 अप्रैल,18 अप्रैल, 22 अप्रैल को बदले तीन बयानों ने अपूर्वा के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अपूर्वा जितनी चालाकी से क्राइम ब्रांच को गुमराह कर रही थी वहीं वह दूसरी ओर फंसती जा रही थी। हालांकि पुलिस 18 अप्रैल को ही अपूर्वा को कातिल मान चुकी थी लेकिन उसके पास सबूत नहीं थे और मामला हाईप्रोफाइल था, नतीजतन पुलिस ने मामला उसके खिलाफ नामजद किया, लेकिन मीडिया और अपूर्वा से इसे छिपाया। एडिशनल सीपी राजीव रंजन के मुताबिक उसके तीनों बयानों को जब मिले सबूतों से मैच किया गया तो तस्वीर साफ हो गई। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। ये वो कारण है जिसके चलते अपूर्वा पुलिस की गिरफ्त में आई। 



पुलिस को दिया बयान नहीं गई थी कमरे में 
क्राइम ब्रांच ने बीती रात जब मिली एक कैमरे की सीसीटीवी फुटेज को दिखाया जिसमें 11.25 पर वे रोहित के गैलरी में जाती हुई दिखाई दी तो उसने फिर बयान बदले और कहा कि वे कमरे तक गई थी लेकिन अंदर दाखिल नहीं हुई जबकि पूर्व में दिए बयानों में उसने साफ कहा था कि वह गैलरी तक ही नहीं गई। जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वह टूट गई। 


रात की कॉल और हत्या के बाद व्हाट्सएप कॉलिंग ने फंसाया
क्राइम ब्रांच के मुताबिक रात डेढ़ बजे अपूर्वा ने तीन कॉल किए जबकि उसकी दो माह की कॉल डिटेल निकाली तो कभी भी इस तरह की बातें सामने नहीं आई। इसके अलावा जांच में पाया गया कि रोहित की हत्या के बाद सबसे ज्यादा कॉल उसने फोन की जगह व्हाट्सअप के जरिए की, यानि की वह जानती थी पुलिस की निगाह उस पर है, नतीजतन उसकी कॉल रिकार्ड की जा रही है।



गुमराह करने के लिए रोहित के मोबाइल से किया कॉल
अपूर्वा जानती थी कि पुलिस उससे पूछताछ जरुर करेगी लेकिन वह उसके पीएम की बात को भूल गई। अपूर्वा ने  रोहित के मोबाइल से 15 व 16 अप्रैल की रात करीब 4.58 बजे कुमकुम के मोबाइल पर फोन किया, हालांकि कुमकुम ने फोन नहीं उठाया था। इसके अलावा  रोहित के मोबाइल से घर के लैंडलाइन पर भी फोन किए गए। जबकि रोहित की मौत रात करीब 1 बजे हो चुकी थी। ये सभी कॉल बाद में किए गए। यही नहीं रोहित की हत्या करने के कारण ही अपूर्वा अगले दिन उसके कमरे में नहीं गई। उसने 16 अप्रैल को शाम 4 बजे अपने नौकर को रोहित के कमरे में भेजा। तब उसने बताया कि रोहित के मुंह और नाक से खून निकल रहा है और शरीर ठंडा पड़ चुका है। 

हत्या के बाद नौकरों को गुमराह करने के लिए रात भर देखा टीवी
हत्या के बाद अपूर्वा ने करीब डेढ़ घंटे के दौरान कमरे से सभी फिंगर प्रिंट को मिटाया और बैड की चादर को ठीक किया। सीन को इस तरह से रिक्रिएट किया ताकि मौत स्वाभाविक लगे। इसके बाद वह दबे पांव नीचे आई और हॉल में टीवी तेज आवाज में देखने लगी। इसी बीच गोलू जागा तो वह हॉल में गया तो देखा मैडम टीवी देख रही हैं। 

रात में अक्सर जागते थे रोहित, दिन में सोते थे 
रोहित शेखर अक्सर रात में जागते थे और दिन में सोया करते थे, इसलिये घर में काम करने वाले नौकर और परिवार के अन्य सदस्यों को यही था 15 अप्रैल की रात जब वह वोट डाल कर देर से आए थे और वह देर से सोए होंगे इसलिए किसी को शक नहीं गया। 16 अप्रैल की शाम करीब चार बजे घर में काम करने वाले नौकर गोलू ने जाकर कमरे में देखा तो रोहित बैड पर संदिग्ध हालत में पड़े थे और उनकी नाक से खून बहा रहा था। तब आनन-फानन में उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया था। इस केस में पुलिस ने पांच डॉक्टरों द्वारा आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या का जिक्र होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर लिया और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।

ये बड़े कारण थे, जिस कारण अपूर्वा नहीं रहती थी खुश

  • मशादी की रात ही पता चला अपूर्वा को रोहित के नाम पर कोई संपत्ति नहीं
  • मसारी संपत्ति रोहित अपनी मां उज्जवला के नाम पर कर चुका है रोहित को हनीमून के दौरान पता चला कि अपूर्वा का दोस्त है जो उसके बेहद करीबी है
  • रोहित नशे का आदी था और शुगर पेशेंट भी, इसलिए दोनों का दाम्पत्य जीवन खुशमय नहीं था
  • पूर्व में भी दो बार भी आया था हार्टअटैक उसके बाद भी नहीं सुनता था 
  • अपूर्वा की
  • दोस्त की पत्नी कुमकुम का रोहित के ज्यादा करीब होना, हालांकि ये केेवल एक दोस्ती थी
  • अपूर्वा चाहती थी कि रोहित मां से उसकी प्रॉपर्टी उसके नाम पर वापिस ले जिसे रोहित ने इंकार कर दिया था
     

कौन है अपूर्वा 
साल 2018 में 11 मई को रोहित शेखर की शादी मध्यप्रदेश निवासी अपूर्वा शुक्ला से हुई थी।  
अपूर्वा ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई भी इंदौर में ही की।
अपूर्वा ने वर्ष 2015 से इंदौर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
2016 में वह प्रैक्टिस के लिए सुप्रीम कोर्ट चली गईं।
शादी के बाद अपूर्वा का इंदौर आना-जाना भी लगा रहता था।
बीते छह महीने से इंदौर हाईकोर्ट में भी प्रैक्टिस कर रही हैं।
अपूर्वा के पिता पीके शुक्ला इंदौर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। 

Related Stories:

RELATED रोहित शेखर मर्डर केस: तिहाड़ जेल में भेजी गई अपूर्वा