नए लेखा मानक लागू करने से रियल्टी कंपनियों की आय, नेटवर्थ में गिरावट

मुंबईः रियल एस्टेट (मकान दुकान के विकास) कारोबार में लगी नौ बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के लेखा-जोखा तैयार करने में एक खास भारतीय लेखा मानक (इंड एएस) के अपनाए जाने से जून तिमाही में इनके नेटवर्थ में 18 प्रतिशत और आय में 23.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इंड एएस 115 एक अप्रैल को अमल में आया। इससे इन कंपनियों के नेटवर्थ और आय में अंतर आया। इस नए लेखा मानक के तहत उन्हें पूर्ण परियोजना पर ही आय और बचत (लाभ) दिखाना होता है जबकि पहले वे निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण हुए अंश के आधार पर आय और अपनी बचत आदि का प्रावधान शामिल कर लेती थीं।

कंपनियों को उन परियोजनाओं में दिखाए गए लाभ को वापस करना पड़ा जो एक अप्रैल को पूरा नहीं हुई थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा, ‘‘इन नौ कंपनियों के नेटवर्थ पर 11,279 करोड़ रुपए यानी 18 प्रतिशत का प्रभाव पड़ा। जिन कंपनियों को इस विश्लेषण में शामिल किया गया है उसमें गोदरेज प्रोपर्टीज, प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, डीएलएफ, इंडिया बुल्स रियल एस्टेट, फोएनिक्स मिल्स, शोभाग, महिंद्रा लाइफ स्पेस डेवलपर्स एंड पूर्वांकरा शामिल हैं।

इन नौ कंपनियों का नेटवर्थ पुरानी लेखा व्यवस्था में 62,005 करोड़ रुपए था और बाद में नई लेखा व्यवस्था में घटकर 50,726 करोड़ रुपए पर आ गया। आय के मामजे में नई लेखा व्यवस्था में उनकी आय की गणना जारी परियोजनाओं के संदर्भ में की जाती है। इससे उनकी आय जून तिमाही में इससे पूर्व तिमाही के तुलना में 23.6 प्रतिशत घाटा। इन कंपनियों की आय 2017-18 की चौथी तिमाही में 8,864 करोड़ रुपए से घटकर 6,771 करोड़ रुपए पर आ गई। 

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