यहां जानें, माघ मास की पौराणिक कथा

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हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। वैसे तो हर माह में पड़ने वाली पूर्णिमा का अपना एक अलग महत्व है लेकिन आज हम बात करेंगे माघ मास की पूर्णिमा के बारे में, जोकि इस बार आज यानि 19 फरवरी 2019 को मनाई जाएगी और जिसे माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि इस रात पूर्ण चंद्रमा आसमान में दिखाई देता है। माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान करने से व्यक्ति के सारे पाप मिट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति पूर्णिमा वाले दिन पूजा-पाठ और ब्रह्मणों को भोजन करवाते हैं उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है। 


शास्त्रों के अनुसार इस दिन देवी-देवता स्वयं पृथ्वी पर आते हैं और गंगा स्नान, जप व तप करते हैं, जिससे कि माघी पूर्णिमा का महत्व अधिक बढ़ जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से उनकी कृपा को प्राप्त किया जा सकता है। कहते हैं जो लोग आज के दिन पूर्णिमा का व्रत करते हैं उन्हें हजार गुणा पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और व्रत पूजन के बाद पूर्णिमा की कथा भी पढ़नी चाहिए। तो आइए आज हम आपको इस व्रत की कथा के बारे में बताएंगे।

एक पौराणिक कथा के अनुसार नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहते थे, लेकिन वे काफी लालची व्यक्ति थे। उनके जीवन का लक्ष्य एक ही था कि उन्हें किसी भी तरह धन की प्राप्ति होती रहे। धन कमाने के चक्कर में वे समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगे और कई बीमारियों की चपेट में भी आ गए। 

इसी दौरान उन्हें ये आभास हुआ कि उन्होंने अपना पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया और अब उनके जीवन का उद्धार कैसे होगा। इसी बीच में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक के बारे में याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर वे ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्नान के लिए चले गए। लगभग 9 दिनों तक स्नान के बाद उनकी तबियत पहले से ज्यादा खराब हो गई और उन्हें लगने लगा कि अब मृत्यु का समय आ गया। वे इस सोच में रहने लगे कि उन्होंने अपने जीवन में कोई सत्कार्य नहीं किया जिससे कि उन्हें नरक का दुख भोगना होगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।
माघ पूर्णिमा पर ये काम दिलाएंगे आपको मोक्ष की प्राप्ति!(video)

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