आर्थिक बेहतरी के लिए RBI को जून में रेपो दर में बड़ी कटौती करने की जरूरत: SBI रिपोर्ट

नई दिल्लीः रिजर्व बैंक को अर्थव्यवस्था की मौजूदा आर्थिक सुस्ती की स्थिति में सुधार लाने के लिये जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत से अधिक कटौती करने की जरूरत है। स्टेट बैंक की एक शोध रिपोर्ट में यह कहा गया है। 

रिजर्व बैंक ने पिछली दो मौद्रिक नीति समीक्षाओं में अल्पकालिक ब्याज दर रेपो में हर बार 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। रिजर्व बैंक अगली समीक्षा बैठक जून के पहले सप्ताह में करेगा। स्टेट बैंक की शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप' में कहा गया है, ‘‘क्या इस समय हम आर्थिक वृद्धि में हल्की सुस्ती का सामना कर रहे हैं। प्रमुख शेयर सूचकांकों के रुझानों को देखते हुए इस तरह की नीरसता स्पष्ट झलकती है।'' इसी प्रकार एक अन्य बैंक आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में भी कहा गया है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के लिए दर में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, उसने कहा है कि यह मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा। 

मानसून के बारे में उसके करीब सामान्य रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसका खाद्य पदार्थों के दाम पर क्या असर पड़ता है और पेट्रोलियम पदार्थ किस दायरे में रहते हैं। आईसीआईसीआई बैंक का रिसर्च डिफ्यूजन इंडेक्स पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती की तरफ संकेत देता है जबकि सेवा क्षेत्र के बारे में इसमें मिला जुला रुख दिखाई देता है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके साथ ही कमजोर पड़ते वैश्विक व्यापार और उपभोक्ता वस्तुओं की बढ़ती कीमतें ग्रामीण क्षेत्र की गतिविधियों में आती सुस्ती को देखते हुए अनुकूल नहीं दिखाई देती हैं। ‘‘इन संकेतकों के आधार पर हमारा मानना है कि 2018-19 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.2- 6.6 प्रतिशत के आसपास रहेगी और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह मामूली बढ़कर 6.5 प्रतिशत रह सकती है।'' 
 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!