आर.बी.आई. जून में नीतिगत दर में कर सकता है कटौती

नई दिल्ली:केन्द्रीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) जून में होने वाली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर रेपो में एक और कटौती कर सकता है। उसके बाद मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे की आशंका से साल के बचे हुए महीनों में रेपो (फौरी उधार पर ब्याज की दर) में कटौती की गुंजाइश कम होगी।

केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए इस साल फरवरी और अप्रैल में रेपो दर में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की। इस समय आरबीआई की यह दर 6 प्रतिशत वार्षिक है। आरबीआई ने राज्यों के राजकोषीय घाटे में वृद्धि के खतरे को लेकर आगाह किया है। 

आरबीआई का कहना है कि कृषि कर्ज माफी, आय समर्थन योजना तथा बिजली वितरण कंपनियों से जुड़े उदय बांड के बोझ से राज्यों का घाटा बढ़ सकता है। यहां केंद्रीय बैंक के मुख्यालय में आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों तथा 15वें वित्त आयोग के सदस्यों की बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक की ओर से यह बात कही गई।  

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