छात्रा से दुष्कर्म के मामले में निशान सिंह को उम्रकैद, 90 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़: फरीदकोट में एक छात्रा से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी निशान सिंह को उम्र कैद की सजा के साथ अब पीडि़ता और उसके परिवार को 90 लाख का मुआवजा देना होगा। इसमें पचास लाख पीडि़ता को और बाकी परिजनों को दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने डी.सी. को दस सप्ताह में आरोपी की जायदाद बेच कर यह मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए हैं। गौर हो कि 2013 में लोगों के विरोध और मीडिया का दबाव बनने के बाद निशान सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वह बेखौफ होकर लड़की को घर से उठा ले गया। ऐसा उसने लगातार दो बार किया था। निचली अदालत के फैसले के विरोध में निशान सिंह हाईकोर्ट गया जहां यह आदेश सुनाया गया।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2012 के बहुचर्चित नाबालिग छात्रा अपहरण व दुराचार मामले में दोषी निशान सिंह और उसकी मां नवजोत कौर से 90 लाख की वसूली करके पीडि़त परिवार को अदा करने के आदेश दिए। इसमें से पीडि़त छात्रा को 50 लाख और उसके माता-पिता को 20-20 लाख रुपए मिलेंगे। यहीं नहीं दोषियों की सजा के खिलाफ अपील को भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अपने आदेश में हाईकोर्ट के जस्टिस ए.बी. चौधरी और जस्टिस इंद्रजीत सिंह पर आधारित डबल बैंच ने जिला कलेक्टर फरीदकोट को दोषी निशान सिंह और उसकी माता नवजोत कौर की संपत्ति अटैच करके 10 हफ्ते के भीतर पीडि़त परिवार को मुआवजा देने और रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने की हिदायतें दी हैं। जानकारी के अनुसार छात्रा अपहरण कांड 24 सितंबर 2012 को हुआ था। उस दिन निशान सिंह अपने साथियों के मिलकर हथियारों के बल पर नाबालिग छात्रा को उसके घर से जबरन उठाकर ले गया था। 

इस घटनाक्रम में छात्रा के माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना से करीब एक साल पहले भी निशान सिंह, उक्त छात्रा को अपहरण करके ले गया था जिसमें उसके खिलाफ अपहरण और दुराचार का केस दर्ज हुआ था लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया था। इसी के कारण उसने दूसरी बार फिर से उसी छात्रा का अपहरण कर लिया। इस घटना को लेकर करीब एक माह तक चले आंदोलन के बाद पुलिस ने निशान सिंह को गोवा से गिरफ्तार किया और केस में उसकी माता नवजोत कौर समेत बाकी साथियों को नामजद किया गया। दोनों केसों में जिला अदालत ने 2013 में निशान सिंह को उम्रकैद और बाकी दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई। इस सजा के खिलाफ निशान सिंह और अन्य दोषियों ने पंजाब हाईकोर्ट में अपील दायर की थी जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उसे खारिज कर दिया और दोषियों को मुआवजा देने के आदेश दिए। 

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