राज्यसभा उपसभापति चुनाव: NDA का पलड़ा भारी, ये दल बदल सकते हैं नतीजे

नई दिल्ली: गुरुवार को एक बार फिर से भाजपा को अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। दरअसल 9 अगस्त को राज्यसभा उपसभापति चुनाव को लेकर एनडीए और यूपीए के बीच कड़ा मुकाबला होगा। विपक्ष ने अपने प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को मैदान में उतारा है तो वहीं एनडीए ने जेडीयू के सांसद हरिवंश सिंह का नाम आगे रखा है। बीके हरिप्रसाद से पहले एनसीपी की वंदना चव्हाण का नाम विपक्ष के प्रत्याक्षी के रूप में सामने आया था। चुनाव कल सुबह 11 बजे होगा। वहीं एनडीए और यूपीए दोनों दलों के उम्मीदवारों ने नामाकंन भर दिया है।उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत्त हुए उपसभापति पी.जे. कुरियन का कार्यकाल पिछले महीने जुलाई में समाप्त हो गया था।
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यहां समझिए नंबर गेम
245 सदस्यीय राज्यसभा में अभी 244 सदस्य हैं और एक 1 सीट खाली है। उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए उम्मीदवार को 123 मतों की जरूरत है। आंकड़ों के हिसाब से दोनों ही दलों के पास पर्याप्त संख्या नहीं है।
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  • राज्य सभा में कुल सदस्यः 244 
  • बहुमत के लिए जरुरीः       123 
  • भाजपा के पासः                 93
  • कांग्रेस के पासः                111
  • तटस्थः                           40   
दलराज्यसभा सीटें
बीजेपी73
जेडीयू6
शिरोमणि अकाली दल3
नामांकित सदस्य 8
आरपीआई (ए)1
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट1
बोडो पीपुल्स फ्रंट1
एनडीए कुल93 

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दलराज्यसभा सीटें
कांग्रेस50 
तृणमूल कांग्रेस13 
समाजवादी पार्टी 13 
टी डी पी
राष्ट्रीय जनता दल
सी पी एम 
डी एम के4
बी एस पी
एन सी पी4
सी पी आई
मनोनीत और निर्दलीय 2
जे डी एस
मुस्लिम लीग1
केरल कांग्रेस1
यू पी ए  कुल 111

 

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दलराज्यसभा सीटें
ए आई ए डी एम के 13
बीजू जनता दल9
टी आर एस6
आम आदमी पार्टी3
शिव सेना3
वाई एस  आर कांग्रेस
पी डी पी2
आई एन एल डी1
नागा पीपल फ्रंट1
तटस्थ कुल40

यूपीए के पास 111 का आकंड़ा है, इसके हिसाब से सत्तापक्ष की तुलना में विपक्ष की ताकत ज्यादा है। हालांकि यूपीए को जीत के लिए 14 और सदस्यों की जरूरत है। जबकि एनडीए को 24 सदस्यों की। ऐसे में राज्यसभा में अन्य दलों की भूमिका काफी अहम होगी। यूपीए और एनडीए दोनों अपनी जीत दर्ज करवाने के लिए अन्य दलों से समर्थन हासिल करने की पूरी जद्दोजहद करेंगे। बता दें कि बीजेडी और टीआरएस मोदी सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव के समय सदन में उपस्थित नहीं हुई थी। अगर बीजद और एआईएडीएमके एनडीए को समर्थन करती है तो पार्टी का आकंड़ा 121 होगा। वहीं एनडीए को टीआरएस के 6 सांसदों का समर्थन भी मिल सकता है। तेलंगाना में कांग्रेस और टीआरएस आमने-सामने है, ऐसे में यूपीए को टीआरएस का समर्थन मिलना मुश्किल है। हालांकि आम आदमी पार्टी और पीडीपी कांग्रेस को समर्थन दे सकती है।

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