राजस्थानः चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका, सांसद और विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ

जयपुरःराजस्थान में विधानसभा चुनाव की सरर्गिमयां तेज होने के बीच भारतीय जनता पार्टी के एक मौजूदा सांसद हरीश मीणा और विधायक हबीबुर्रहमान बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। चुनाव से ठीक पहले हुए इस राजनीतिक घटना को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके साथ ही इन दोनो दलों में‘अवसरवादी नेताओं’को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नमोनारायण मीणा के छोटे भाई और दौसा से सांसद हरीश मीणा ने नई दिल्ली में जबकि नागौर से विधायक हबीबुर्ररहमान ने प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की।



नई दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे ने मीणा का स्वागत किया। इस अवसर पर मीणा ने कहा,’मैं बिना किसी शर्त कांग्रेस में शामिल हुआ हूं।‘  अशोक गहलोत सरकार में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रह चुके भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हरीश मीणा मार्च 2014 में भाजपा से जुड़े और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री तथा अपने भाई नमोनारायण मीणा के खिलाफ चुनाव लड़ा। इस चुनाव में हरीश जीते जबकि किरोड़ी लाल मीणा दूसरे व नमोनारायण तीसरे स्थान पर रहे ।वहीं जयपुर में नागौर से भाजपा विधायक हबीबुर्रहमान ने सांसद रघु शर्मा व अन्य नेताओं की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की।



हबीबुर्रहमान पहले कांग्रेस में ही थे और 2001- 03 की गहलोत सरकार में मंत्री रहे। वह 2008 में टिकट नहीं मिलने पर वह भाजपा में चले गए। उन्होंने 2008 व 2013 का चुनाव भाजपा की टिकट से लड़ा व जीता। लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस की राह कर ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा,‘मैं आज घर वापस आ गया हूं। पार्टी से जुड़ने की कोई शर्त नहीं रखी गई। क्या वह चुनाव लड़ेंगे यह पूछे जाने पर रहमान ने कहा,‘चुनाव कौन नहीं लडऩा चाहता?’हालांकि सांसद रघु शर्मा ने कहा कि पार्टी के टिकट तो अध्यक्ष राहुल गांधी की मंजूरी के बाद ही जारी किए जाएंगे।



इस बीच कांग्रेस और भाजपा में ‘अवसरवादी नेताओं’ को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया है। सांसद हरीश मीणा के कांग्रेस में जाने पर भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने उन्हें अवसरवादी करार दिया। उन्होंने कहा,‘’इसका आदिवासी बहुत इलाकों में मतदाताओं पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा। लोग जानते है कौन अवसरवादी है और अवसरवादी कहीं भी जा सकता है।‘ इस पर कांग्रेस सांसद रघु शर्मा ने कहा ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा खुद अवसरवादिता के ‘सबसे बड़े’ उदाहरण हैं।



शर्मा ने कहा,’किरोड़ी लाल की पत्नी गोलमा देवी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री थीं। मीणा ने 2013 का विधानसभा चुनाव नेशनल पीपल्स पार्टी के प्रत्याशी के रूप में लड़ा और फिर भाजपा में शामिल हो गए। वह भाजपा की ओर से राज्यसभा सदस्य बन गए और अब उनकी पत्नी को भाजपा ने अपनी पहली ही सूची में टिकट दे दिया है। वह अवसरवादिता का उत्कृष्ठ उदाहरण हैं।‘

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