पंजाब केसरी ने दोहरी मार सहन कर रहे सीमांत परिवारों को बांटी 482वें ट्रक की राहत सामग्री

जम्मू: सांबा सैक्टर के सीमांत गांव खानपुर में जब पंजाब केसरी पत्र समूह की राहत वितरण टीम पहुंची तो चारों ओर रात का गहरा अंधेरा पसर चुका था। आकाश में तारों की रौनक लग गई थी। काॢतक महीने की मीठी-मीठी ठंड में सैंकड़ों लोग बाजुओं में सिमट कर बैठे किसी ‘गर्माहट के एहसास’ का इंतजार कर रहे थे। प्रबंधकों द्वारा सामग्री वितरण वाले स्थान पर बिजली के बल्ब लगाकर अस्थाई तौर पर रोशनी का इंतजाम किया गया था। राहत लेने के लिए बैठे लोगों के चेहरों पर चाहे कुछ चिंता झलकती थी परन्तु बार-बार खतरों का सामना करने के कारण वह आत्मविश्वास से भरपूर प्रतीत हो रहे थे।

कठुआ, आर.एस.पुरा तथा सांबा सैक्टर के सीमांत गांवों में रहने वाले लोगों को  पाकिस्तान द्वारा की जाती गोलीबारी की दर्जनों बार मार पड़ी है। यह उनकी जिंदादिली है कि वे गोलियों की बौछार के सामने सीना तान कर बैठे हैं तथा जब तक ज्यादा ही मुश्किल हालात पैदा न हों तब तक वे अपना घर छोडक़र नहीं जाते।इस जिंदादिली की झलक उनकी बातचीत में भी मिलती है। यदि बहुत ज्यादा फायरिंग हो तो एक-दो दिन किसी सुरक्षित ठिकाने पर गुजारने के बाद वे फिर अपने घरों में वापस आ जाते हैं।

सर्दी में बांटी गई गर्म रजाईयां
उस दिन वहां खानपुर के अलावा भखड़ी, चक्क सलारिया, भचियार तथा रतनपुर आदि गांवों से 300 के करीब परिवारों के सदस्य ठंड से बचाव के लिए रजाइयां प्राप्त करने आए थे। ये सभी पाकिस्तान से लगती सीमा के बिल्कुल नजदीक ही बसे हुए हैं। जरूरतमंदों के लिए 300 रजाइयों से भरा 482वां ट्रक लाला जगत नारायण निष्काम सेवा सोसाइटी तथा श्री ज्ञान स्थल मंदिर सभा लुधियाना द्वारा भिजवाया गया था जिसके लिए प्रवीण बजाज, रमेश गुंबर, बिट्टू गुंबर, शाम लाल कपूर तथा राज कुमार वर्मा ने बहुमूल्य योगदान डाला।

दुखी परिवरों का सहारा पंजाब केसरी
राहत सामग्री लेने के लिए एकत्रित हुए परिवारों को संबोधित करते लायन जे.बी. सिंह चौधरी अम्बैसेडर ऑफ गुडविल ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बसे लोग देश विभाजन से ही दुखों का संताप सहन करते आ रहे हैं। आज इन परिवारों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ सीमा से घुसपैठ करके आने वाले आतंकवादी इनका जानी-माली नुक्सान कर रहे हैं तथा दूसरी ओर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की जाती गोलीबारी इन्हें बार-बार उजाड़ रही है। उन्होंने कहा कि इंसान यदि एक दिन के लिए अपना घर छोड़ कर चला जाए तो घर का हुलिया बिगड़ जाता है परन्तु इन लोगों को तो असंख्य बार कई-कई दिन अपने घर-बार छोडक़र भागना पड़ता है। परिणामस्वरूप इनके कामकाज तथा कारोबार भी प्रभावित होते हैं।

पंजाब केसरी कर रहा है निष्काम सेवा
इस मौके पर योगाचार्य श्री वरिन्द्र शर्मा ने कहा कि आज इंसानियत का तकाजा है कि आतंकवाद तथा गोलीबारी से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए बढ़-चढ़ कर काम किया जाए। पंजाब केसरी पत्र समूह के श्री विजय कुमार चोपड़ा जी गत करीब 20 सालों से जरूरतमंदों के लिए राशन तथा अन्य घरेलू जरूरत का सामान भिजवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहायता दी जा सके। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि यह राहत वितरण काफिला उनकी मदद के लिए लगातार प्रयत्नशील रहेगा।

पीड़ित परिवार दे रहे दुआएं
लायंज क्लब रामगढ़ के प्रधान सर्बजीत सिंह जौहल ने कहा कि पंजाबवासी जिस ढंग से पीड़ित परिवारों की सहायता कर रहे हैं तथा राहत सामग्री भिजवा रहे हैं, वह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। इस राहत अभियान  हेतु पंजाब केसरी ग्रुप का नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरोंं में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पीड़ितों तथा शरणार्थी परिवारों की सहायता के लिए जो कुछ श्री विजय कुमार चोपड़ा जी कर रहे हैं इस ढंग से न कोई अन्य संस्था आगे आई है तथा न ही सरकारों ने कोई सार्थक भूमिका निभाई है। इस अभियान कारण प्रभावित परिवारों को जिंदगी जीने की प्रेरणा मिली है।
इस मौके पर इकबाल सिंह अरनेजा तथा शिव कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया तथा पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। राहत वितरण आयोजन के मौके पर स्थानीय समाज सेवी नेता राम सिंह भगत, सौदागर चंद, नैंसी चौधरी तथा निर्मल सिंह ने रजाइयां वितरण में सरगर्म भूमिका अदा की।
 
 

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