जम्मू-कश्मीर: पुलवामा मुठभेड़ में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर समेत 5 जवान शहीद, 3 आतंकी ढेर

नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब 18 घंटे से मुठभेड़ जारी है। हालांकि इस दौरान भारत ने लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर समेत 5 जवान खो दिए। साथ ही साउथ कश्मीर के डीआईजी अमित कुमार, भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत कई सैन्यकर्मी घायल हो गए। वहीं सेना ने अब तक पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड गाजी राशिद उर्फ कामरान सहित 3 आतंकियों को मार गिराया। 

शहीद जवानों में मेजर डीएस ढोढियाल, हेड कॉन्स्टेबल सेवराम, सिपाही अजय कुमार, सिपाही हरि सिंह और सिपाही गुलजार अहमद शामिल हैं। एनकाउंटर में DIG अमित कुमार के पैर में गोली लगी है जिसके बाद उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के कुछ देर बाद सेना के एक ब्रिगेडियर को भी पेट में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पुलवामा के पिंगलान गांव में संयुक्त अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों के जवान जब गांव से बाहर निकलने के रास्ते बंद कर रहे थे, तभी वहां छुपे आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू कर दी। गोलीबारी में मेजर डी.एस. डोंडियाल तथा सैनिक सेवा राम, अजय कुमार और हरि सिंह घायल हो गए। घायलावस्था में उन्हें तत्काल 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। जिस घर में छिप कर आतंकी सेना पर फायरिंग कर रहे थे, सुरक्षा बलों ने उस घर को उड़ा दिया जिसमें दोनों आतंकी मारे गए।

कौन था अब्दुल रशीद गाजी
अब्दुल रशीद गाजी उर्फ कामरान को IED स्पेशलिस्ट बताया जाता है। गाजी जैश के सरगना मसूद अजहर का करीबी था। घाटी में आतंकियों की भर्ती करने और उन्हें ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी गाजी को ही दी गई थी। उसने ही पुलवामा आतंकी हमले के लिए आदिल अहमद डार को तैयार किया था और पूरी ट्रेनिंग दी थी। कामरान ने खुद IED बनाने का प्रशिक्षण तालिबान से लिया था। जैश गाजी पर पूरा भरोसा करता था। पाकिस्तान में बैठे जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर के इशारे पर गाजी कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता था। तभी मसूद ने गाजी को पुलवामा हमले की सारी जिम्मेदारी सौंपी थी।

दिसंबर में ही कश्मीर में आ गया था गाजी उर्फ कामरान
मसूद अजहर ने भतीजों तल्हा रशीद और उस्मान के घाटी में मारे जाने के बाद गाजी को सुरक्षाबलों से इसका बदला लेने के लिए भेजा था। तब मसूद ने बयान जारी कर कहा भी था कि वह अपने भतीयों की हत्या का बदला भारत से जरूर लेगा। इसी बाद दिसबंर में मसूद ने गाजी को कश्मीर भेजा था तब आदिल ने ही उसके छिपने का बंदोबस्त किया था। आतंकियों ने 9 फरवरी को संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की बरसी पर बड़ा धमाका करने की साजिश रची थी लेकिन कुछ गड़बड़ के कारण तब इस प्लानिंग को अंजाम नहीं दिया गया। उसके बाद उसने 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर डार के जरिए आत्मघाती हमले को अंजाम दिया। इस आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए।

 

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