PTA शिक्षकों ने नहीं माने DC शिमला के आदेश, 6 के खिलाफ FIR दर्ज

शिमला (राजेश): सचिवालय के नजदीक छोटा शिमला थाने के बाहर पी.टी.ए. शिक्षकों द्वारा धरना-प्रदर्शन करने पर संघ के 6 प्रतिनिधियों पर पुलिस ने एफ.आई.आर.दर्ज की है। मंगलवार को पी.टी.ए. शिक्षकों ने पी.टी.ए. संघ की अगुवाई में नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। यह धरना प्रदर्शन करीब 4 घंटे चला, जिसमें प्रदेश भर से आए 3 हजार से अधिक पी.टी.ए. शिक्षकों ने भाग लिया जबकि संघ के पास धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। 

पुसिल ने इनके खिलाफ दर्ज किया मामला 

धरना-प्रदर्शन पर रोक के बावजूद और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने पर पुलिस ने संघ अध्यक्ष बोविल ठाकुर सहित पदाधिकारी कैलाश ठाकुर, यशवंत ठाकुर, डा. सुरेंद्र ठाकुर, ललित कुमार और प्रेम शर्मा के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की है। पुलिस ने संघ पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 143 और 188 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। डी.एस.पी. हैडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने छोटा शिमला में धरना-प्रदर्शन रोक के बावजूद धरना-प्रदर्शन करने पर 6 संघ पदाधिकारियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की है। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी। 

डी.सी. ने एक दिन पहले लगाई थी रोक

डी.सी. शिमला ने एक दिन पहले यानी सोमवार को ही छोटा शिमला पुलिस थाना के बाहर धरना-प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। वहीं इस संबध में अधिसूचना भी जारी की थी कि अगर कोई भी संगठन धरना-प्रदर्शन करता है तो उस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक नई जगह तय नहीं की गई है। जहां पर संगठन धरना-प्रदर्शन कर सकेंगे। जिलाधीश ने यह भी बताया था कि छोटा शिमला थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान अक्सर जाम लग जाता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी होती है, ऐसे में यहां पर अब किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाएगा लेकिन इसके बावजूद मंगलवार को प्रदर्शन हुआ। 

सचिवालय के बाहर लगा जाम, पुलिस रही मुस्तैद 

पी.टी.ए. शिक्षकों के धरना प्रदर्शन के दौरान सचिवालय के बाहर बीच-बीच में जाम लगता रहा। धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी, ऐसे में पुलिस ने जाम न लगे इसके लिए पूरे इंतजाम किए थे। पुलिस धरना-प्रदर्शन करने वालों को एक सडक़ के एक कोने पर जाने पर मजबूर किया जहां पर प्रदर्शनकारी शिक्षक करीब 4 घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री के बुलावे के बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।

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