निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने पर विजीलैंस इंक्वायरी मार्क

चंडीगढ़(साजन) : नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में एडवाइजर मनोज परिदा ने विजीलैंस इंक्वायरी मार्क कर दी है। शिकायतकर्ता से पूछा गया है कि क्या वह अपनी भेजी शिकायत पर स्टैंड करते हैं। इसका चंडीगढ़ प्रशासन और विजीलैंस को सकारात्मक जवाब दे दिया गया है।

लोगों को भेजे बकाया राशि के नोटिस : 
जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों से शहर के लोगों के पास नोटिस आ रहे हैं। इन नोटिसों के जरिए रैजीडैंशियल व कमर्शियल प्रॉपर्टी मालिकों की तरफ निगम ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम भेज दी है जिसे देखकर खुद प्रॉपर्टी मालिक हक्के-बक्के हैं। चूंकि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने की कवायद शुरू हो चुकी है लिहाजा जब मालिक बकाया टैक्स और वर्तमान वित्तीय वर्ष की रकम जमा कराने पहुंच रहे हैं तो 

उन्होंने निगम के मुलाजिमों और अधिकारियों से गुजारिश की कि बीते वित्तीय वर्ष में जो बकाया राशि उनकी तरफ निकाली गई है उसकी डिटेल दिखा दी जाए क्योंकि उन्होंने तो बीते साल ही जितनी रकम का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने  का नोटिस आया था, वह जमा करा दी थी। इस पर निगम के अधिकारी जवाब दे रहे हैं कि बीते साल जो प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया है उसकी निगम की ओर से मिली रसीद लेकर आएं, जिसका अपने रिकार्ड से मिलान किया जा सके।

लोग बोले-निगम ने रिकॉर्ड किया गायब :
शहर के लोगों व कई सामाजिक संगठनों और एसोसिएशनों की दलील है कि निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड गुम कर दिया है और अब लोगों की ओर बकाया रकम निकाली जा रही है जो बिलकुल नाजायज है। 

रिकार्ड गुम करने वाले संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए कि आखिर उन्होंने इतना महत्वपूर्ण रिकार्ड गुम कैसे किया? इस बाबत एडवाइजर मनोज परिदा को शिकायत दी थी। उन्होंने असंख्य ऐसे केसों की बाबत डिटेल भी निगम के अधिकारियों और एडवाइजर को दिखाई, जिसमें पिछले सालों की बकाया राशि मांगी जा रही है। 

जरूरत पड़ी तो जाएंगे कोर्ट :
सैकेंड ईनिंग एसोसिएशन के आर.के. गर्ग ने इस मामले में विजीलैंस इंक्वायरी की शिकायत एडवाइजर मनोज परिदा को दी थी। सैकेंड ईनिंग एसोसिएशन ने दूसरा सवाल यह उठाया है कि रिकार्ड गुम होना तो एक पहलू है जो गंभीर विषय है लेकिन इसके साथ ही एक और बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब शहर के लोग एडवांस में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराते हैं तो उस पर जुर्माना और ब्याज कैसे लिया जा रहा है? 

अगर कोई उस वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं कराता है तो जुर्माना तो उस सूरत में लगना चाहिए। एडवांस जमा कराने पर जुर्माना और ब्याज क्यों। एसोसिएशन ने कहा है कि शहर के लोगों के साथ प्रशासन यह धक्काशाही कर रहा है। जरूरत पडऩे पर इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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