व्यावसायिक कोर्स कर चुके व्यक्तियों का बनेगा डाटाबेस

चंबा (विनोद):जिला में विभिन्न व्यावसायिक कोर्सों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके व्यक्तियों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। डी.सी. चम्बा हरिकेश मीणा ने यह बात मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड जितेन रैणा, अधीक्षण अभियंता आई.पी.एच. आर.के. वर्मा, एस.डी.एम. दीप्ति मंढोत्रा, डल्हौजी नगर परिषद ई.ओ. राखी कौशल, जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. रामकमल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अरुण पठानिया, वन मंडलाधिकारी राकेश कटोच और डा. संजीव कुमार तथा परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण संजीव ठाकुर समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। 

जिला में कितने स्किल्ड, कितने प्रशिक्षणरत सूची तैयार हो
उन्होंने कहा कि जिला में कितने स्किल्ड लोग मौजूद हैं और कितने प्रशिक्षणरत हैं इसकी अपडेटेड सूची का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला रोजगार अधिकारी को इसके लिए बाकायदा अधिकृत किया है और वह विभिन्न विभागों व संस्थानों से इसको लेकर जानकारी प्राप्त करके इसका डाटाबेस तैयार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत इस बात की है कि जो व्यावसायिक कोर्स स्कूलों में चल रहे हैं उन्हीं व्यावसायिक कोर्सों की शिक्षा डिग्री कालेज में भी होनी चाहिए ताकि जो छात्र अथवा छात्रा स्कूल स्तर पर किसी व्यावसायिक कोर्स में निपुणता हासिल करते हैं उसी की एडवांस शिक्षा वे कालेज में भी हासिल कर सकें। 

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित हों
डी.सी. चंबा ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह जिला में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन कर सकता है। उन्होंने कहा कि विद्याॢथयों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के मकसद से रैंकिंग टैस्ट आयोजित किए जा सकते हैं। इनमें जो विद्यार्थी अव्वल स्थान हासिल करेंगे, उन्हें पुरस्कृत भी किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग का पूरा फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करने पर होना चाहिए। इसको लेकर शिक्षा विभाग अपनी कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग युवाओं के लिए पी.जी.डी.सी.ए. और बी.सी.ए. के प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है। प्रशिक्षण की अवधि खत्म हो जाने के बाद ये युवा विभिन्न विभागीय कार्यालयों में 6 महीने का अप्रैंटिसशिप कोर्स भी करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी विभिन्न विभागों को भी होनी चाहिए ताकि विभाग स्किल्ड मैन पावर का उपयोग अपने कार्यालयों में 6 महीने के लिए कर सकें। 

आई.पी.एच. ने 350 नए सीवरेज कनैक्शन जारी किए
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियंता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने अवगत करवाया कि सीवरेज के 350 नए कनैक्शन जारी किए जा चुके हैं। डी.सी. ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को कहा कि जिला में परिवार विभाजन के बाद परिवारों में उपलब्ध शौचालयों को लेकर नवीनतम जानकारी जुटाई जाए ताकि उसी के अनुरूप अगली कार्ययोजना पर काम किया जा सके। डी.सी. ने समीक्षा बैठक से कृषि और बागवानी विभागों के उपनिदेशकों की गैरमौजूदगी पर भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में विभागीय अधिकारियों का मौजूद नहीं रहना सही नहीं है। 

साइंस विषय के अध्यापकों की अस्थायी तौर पर हो नियुक्ति
चम्बा जिला एस्पिरेशनल जिला योजना का हिस्सा है। ऐसे में उच्चतर शिक्षा विभाग को उन स्कूलों में विशेष तौर से साइंस विषय के अध्यापकों को अस्थासी तौर पर तैनाती देनी चाहिए, जहां विज्ञान विषय के विद्यार्थी मौजूद हैं लेकिन विज्ञान विषय का एक भी अध्यापक मौजूद नहीं है। उन्होंने बताया कि 52 शिक्षकों को युक्तिकरण के माध्यम से स्कूलों में तैनाती दी जा चुकी है। उसके बाद 77 और जे.बी.टी. अध्यापकों की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने बताया कि टी.जी.टी. अध्यापकों की काऊंसलिंग जारी है और जिला के स्कूलों को और अध्यापक मिलेंगे। बैठक के दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सर्वशिक्षा अभियान, समन्वित बाल विकास योजना और मिड-डे मील योजना की भी समीक्षा की गई। 

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