भारत को ‘‘ज्ञान शक्ति’’ बनाने के लिए राष्ट्रपति ने शिक्षकों को सराहा

सोफियाःराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर उन शिक्षकों, विद्वानों एवं शिक्षाविदों को स्मरण किया जिन्होंने भारत की प्राचीन अध्ययन एवं ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारत को ‘‘ज्ञान शक्ति’’ बनाने में योगदान किया।      

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बुल्गारिया में प्रतिष्ठित सोफिया विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा शिक्षक, विद्वान और छात्र भारत के गौरव का स्रोत हैं।  राष्ट्रपति सचिवालय ने ट्वीट किया, ‘‘मैं भारत के शिक्षकों, विद्वानों और शिक्षाविदों का स्मरण करना चाहता हूं। उन्होंने अध्ययन एवं ज्ञान की भारत की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाया और एक ज्ञान शक्ति के तौर पर भारत की प्रतिष्ठा में योगदान किया। वे सभी भारत के गौरव के स्रोत हैं।’’ 

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राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय विद्वता एवं अकादमिक उत्कृष्टता की समूचे महाद्वीपों में पहचान है और इससे भारत को ख्याति मिली है। कोविंद ने कहा, ‘‘21वीं सदी नाटकीय रूप से प्रौद्योगिकीय बदलाव का युग है। चौथी औद्योगिक क्रांति, आॢटफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक होते रोबोटिक्स एवं थ्री डी के सटीक निर्माण हमारे जीवन एवं कार्य की शैली को बदल रहे हैं।’’ कोविंद तीन देशों की अपनी आठ दिवसीय यात्रा के तहत मंगलवार को बुल्गारिया पहुंचे थे।      

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