ऑफ द रिकॉर्डः पीएम मोदी 4 समस्याओं से चिंतित!

नेशनल डेस्कः अगर आप समझते हैं कि संयुक्त विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी की रात की नींद को खराब कर रहा है तो आप गलत हैं। वह निश्चित रूप से इससे चिंतित नहीं मगर मोदी राफेल लड़ाकू जैट विमान सौदे को लेकर कांग्रेस द्वारा लगातार किए जा रहे ‘जेहाद’ को लेकर बहुत चिंतित हैं और इसका सही जवाब ढूंढने के लिए संघर्षरत हैं। मोदी ‘मॉब लिचंग’ के बारे सोशल मीडिया पर बढ़ रहे जोर को लेकर भी चिंतित हैं और चाहते हैं कि फेसबुक/व्हाट्सएप सरकारी निर्देश के आगे झुक जाएं। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और रुपए में आ रही गिरावट भी मोदी की एक और बड़ी चिंता है। अगर यह रुझान जारी रहा तो विपक्षी पार्टियां चुनावों में इसको बड़ा मुद्दा बना सकती हैं।
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पूरे मंत्रिमंडल में 150 मिनट की प्रस्तुति से यह संकेत दिया गया कि सरकार इन मामलों को लेकर बहुत चिंतित है और चाहती है कि मंत्री जनता में जाकर इनका प्रभावशाली ढंग से सामना करें तथा लोगों को असलियत बताएं। ऐसा महसूस किया गया कि लोगों की तकलीफों को कम करने के लिए पैट्रोलियम उत्पादों पर कुछ टैक्स कम किए जाएं मगर वित्त मंत्री अरुण जेतली ने इस मांग से इंकार कर दिया और कहा कि लोक-लुभावन लोगों के सामने आत्मसमर्पण हो सकता है।
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मॉब लिंचिग पर भी गंभीरता से विचार किया गया और राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्यों को दृढ़ता से कहा गया कि वे स्थिति से प्रभावशाली ढंग से निपटें लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन आरोपों से कैसे निपटा जाए कि अनिल अम्बानी जैसे नौसिखिया को फ्रैंच कम्पनी ने भारत में राफेल जैट के कलपुर्जे बनाने के लिए पार्टनर के रूप में कैसे चुना और उसने सार्वजनिक क्षेत्र की एच.ए.एल. को कैसे बाहर रखा।
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सरकार इस सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जे.पी.सी.) गठित करने की मांग को खारिज कर सकती है। मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा उत्पाद के सचिव अजय कुमार के अलावा कुछ अन्य प्रमुख रक्षा अधिकारियों को इस स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया है मगर कुछ मंत्री महसूस करते हैं कि रिलायंस-डसाल्ट एविएशन ऑफ-सैट डील का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं है।

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