शीतकालीन सत्र: PM मोदी बोले- सदन में अहम मुद्दों पर हो बात

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में कामकाज सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि लंबित विधायी एजेंडा पूरा करने के लिये कठिन परिश्रम करेंगे।  सत्र के पहले दिन संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सत्र काफी सार्थक रहेगा । हम सभी कठिन परिश्रम करने और लंबित विधायी एजेंडे को पूरा करने का संकल्प लें।



पीएम ने कहा कि मई महीने में सभी पार्टियां अपनी कसौटी पर उतरेंगी। सत्र के दौरान वाद हो, प्रतिवाद हो, तीखी चर्चा हो लेकिन चर्चा तो हो। उन्होंने सभी दलों से संसद के शीतकालीन सत्र का निजी हितों के बजाय जनहित में उपयोग करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि नेताओं को संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चाओं में हिस्सा लेना चाहिए, चाहे बहस कितनी भी तीखी क्यों न हों। उम्मीद करते हैं कि पार्टी हित से ऊपर देशहित रहेगा। 


प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस सत्र में, इसके निर्धारित समय से कहीं अधिक कामकाज होगा और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र महत्वपूर्ण है। देश के लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य एवं विधेयक लंबित हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सत्र में कामकाज सुचारू रूप से चलेगा । उल्लेखनीय है कि संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होकर आठ जनवरी तक चलेगा। सत्र ऐसे समय में शुरू हुआ है जब पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आ रहे हैं। ताजा रूझानों के अनुसार मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में विपक्षी कांग्रेस का प्रदर्शन काफी अच्छा है जहां भाजपा सत्ता में थी।


बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्षी एकजुटता और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करने के मकसद से कांग्रेस सहित 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सोमवार को बैठक की जिसमें यह सहमति बनी है कि ‘संविधान और संस्थाओं की रक्षा करने’ तथा भाजपा को हराने के लिए वे मिलकर लड़ेंगे। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर मोदी सरकार को घेरेंगे। 

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