नजरिया: PM मोदी ने शुरू कर दिया इलेक्शन कैंपेन

नेशनल डेस्क (संजीव शर्मा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ कई प्रमुख मीडिया समूहों को साक्षात्कार दिए हैं।  संसद सत्र समाप्त होने के ठीक बाद दिए गए इन साक्षात्कारों में मोदी ने कमोबेश हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखी है। दरअसल एक लम्बे अरसे से पीएम मोदी अपनी बात भाषणों या फिर मन की बात कार्यक्रम के जरिये ही रख रहे थे।  लेकिन अब उन्होंने उस क्रम को तोड़ा है और फिर से वैसे ही मीडिया समूहों से मुलाकात का सिलसिला शुरू किया है।  ठीक ऐसा ही उन्होंने 2014 के चुनाव से ठीक पहले किया था। 
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मॉब लिंचिंग पर रखे अपने विचार 
मोदी ने शनिवार को दिए अपने साक्षात्कारों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से लेकर मॉब लिंचिंग पर अपने विचार रखे। उन्होंने इमरान खान की शपथ से ठीक पहले साफ़ किया कि भारत तो हमेशा से पाकिस्तान से बेहतर सम्बन्ध चाहता रहा है। खुद उन्होंने कई बार पहल की लेकिन पाकिस्तान ने सकारात्मक प्रयुत्तर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सबसे पहले आतंक मुक्त देश बनना होगा जहां आतंक और आतंकी समूहों के लिए कोई जगह न हो।  जहां दूसरे देशों खासकर भारत में आतंक फ़ैलाने वालों को प्रोत्साहित नहीं किया जाता हो। इस तरह से उन्होंने लगभग लगभग साफ कर दिया कि बातचीत  शुरू करने की शर्त क्या है।  

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NRC के बहाने ममता पर साधा निशाना 
पीएम ने एनआरसी के मसले पर भी खुलकर अपने विचार रखते हुए कहा कि इस मसले पर उन्हें कोई नहीं रोक सकता। घुसपैठियों के लिए कोई जगह इस देश में नहीं है। इस बहाने उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा की देश की सम्प्रभुत्ता के साथ पहले कांग्रेस खेलती रही और अब ममता बनर्जी वोट बैंक के लिए ऐसा कर रही हैं। यह सही नहीं है और बांग्लादेशी घुसपैठियों को हर हाल में बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी भारतीय को बेदखल नहीं किया जायेगा। इस मसले पर राजनीति भी नहीं सही जाएगी।  

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महागठबंधन पर भी कसा तंज 
महागठबंध पर भी मोदी ने अपने ही अंदाज़ में तंज कसे। उन्होंने कहा कि इस बार बीजेपी/एनडीए की जीत 2014 से भी बड़ी होगी। उन्होंने महागठबंध को एक असफल प्रयोग बताया और साफ किया कि अविश्वास प्रस्ताव और राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में  इसकी झलक साफ़ देखी जा सकती है। मॉब लिंचिंग पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी वजह जो भी हो लेकिन यह गैरकानूनी है, इसे सख्ती से कुचलना चाहिए। कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। 
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राफेल डील पर तोड़ी चुप्पी 
सोशल मीडिया पर बढ़ती फेक न्यूज़ और अफवाहों पर लगाम के लिए पीएम ने लोगों से आत्मबोध और आत्मसंयम का प्रयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि समाज के साथ संवाद के नियम सभी को जानना जरूरी है। हमें पता होना चाहिए कि 'क्या करें-क्या न करें'। राफेल डील पर चल रहे विवाद पर भी प्रधानमंत्री ने चुप्पी तोड़ी और कांग्रेस को घेरा। उन्होंने  कहा कि कांग्रेस बोफोर्स के भूत से अपना पीछा छुड़ाने के लिए हमेशा से झूठ का सहारा लेती रही है। राफेल डील पर विवाद भी इसी प्रॉपेगैंडा का हिस्सा है। 

मीडिया का लिया सहारा 
कुल मिलाकर  पीएम ने उनसभी मसलों पर बात की जिनपर विपक्ष गाहे-बगाहे उनसे जवाब मांगता रहता है। लेकिन मोदी की यही विशेषता है कि उन्होंने विपक्ष को जवाब न देकर मीडिया का सहारा लिया है। इसे उनके मिशन 2019 की मीडिया प्लानिंग की शुरुआत माना जा रहा है।   

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