मोदी ने दी हरियाणा को 3 बड़ी सौगात, पिछली कांग्रेस सरकार पर बरसे

गुरुग्राम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि वह सरकार केवल घोषणाएं ही करती थी। उनका काम से कोई लेना देना नहीं है। वह कोई काम नहीं करती थी जिससे जनता का पैसा बर्बाद हो रहा था। मोदी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण है। क्योकि राज्य के लोगों को 3 बड़ी सौगातें दी गई है। मोदी ने पहले तो एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। फिर बल्लभगढ़ मेट्रों और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का उद्धाटन किया। जिससे युवाओं को प्रगति के मार्ग पर चलने के लिए बल मिल सकें। 



 मोदी ने कहा कि जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुए थे तो अनुमान था कि इन पर 1200 करोड़ रूपए का खर्चा होगा। मगर देरी के कारण इसकी लागत बढ़कर 3 गुना हो गई। उन्होंने कहा कि केएमपी(कैनाल-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस हाईवे का इस्तेमाल राष्ट्रमंडल खेलों में किया जाना था। जो गति राष्ट्रमंडल खेलों की थी वहीं हाल इस हाइवे का भी हुआ। जब हमने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की तो इसमें बहुत सी अनियमिताएं पाई गई। पीएम मोदी इन 4 सालों में 11वीं बार हरियाणा में आए है। उन्होंने कहा कि इच्छा शक्ति और संकल्प शक्ति हो तो सभी काम तेजी से हो जाते है। साथ ही उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे का प्रतिदिन निर्माण हो रहा है।



पीएम मोदी ने कहा कि इस हाइवे से लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने के लिए दिल्ली के अंदर नहीं जाना पड़ेगा और वह दिल्ली के भारी जाम से बचते हुए निकल जाएंगे। इससे लोगों का बहुत सा समय बर्बाद होने से बच जाएगा। क्योकि अब कैनाल से पलवल तक का सफर सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे पर 12 साल से काम चल रहा था। ये एक्सप्रेस-वे आपको 8-9 साल पहले ही मिल जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, पहले की सरकारों के जो तौर-तरीके थे, उसने इस एक्सप्रेस-वे को पूरा होने में 12 साल लग गए।



गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणावासियों को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी), जिसे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे भी कहा जाता है,  समर्पित किया। इस पर कुल 6434 करोड़ रूपए की लागत आई है। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 136.65 किलोमीटर है और इसको लिए भूमि अधिग्रहण की लागत लगभग 2788 करोड़ रुपये है। इसके बनने से दिल्ली के दोनों ओर केएमपी व केजीपी एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हो गया है।

केएमपी को पूर्ण करने के लिए 20 फरवरी, 2019 का लक्ष्य रखा गया था लेकिन इसे अपने निर्धारित समय से पहले तैयार कर लिया गया है। केएमपी एक्सप्रेस-वे पर सफर को सुगम बनाने का और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखते हुए विभिन्न प्रावधान किये गए हैं। जैसे कि वेटिवर ग्रासिंग की गई है जो प्रदूषण को कम करने में ज्यादा सहायक होती हैं और यह कार्बन कणों को जल्दी सोखती है। केएमपी पर यात्रा सुुगम होने के साथ-साथ वाहनों से होने वाले शोर को कम करने का भी प्रयास किया गया है। केएमपी पर हरियाणा की संस्कृति को प्रदर्शित करती मूर्तियों को लगाया गया है जिनमें भगवद गीता, योग इत्यादि से जुड़े विषय पर शामिल हैं।



एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा के पास एक डिजिटल गैलरी भी तैयार की गई है, जिसमें इस परियोजना के विकास पर तैयार किये गए 3डी हॉलोग्राफिक मॉडल्स रखे गए हें। वहीं, केएमपी पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए ट्रामा सेंटर, पुलिस गश्त वाहन एवं एम्बुलेंस का भी प्रावधान किया गया है। इस मार्ग पर हर 14 किलोमीटर पर एंबुलेस और रिकवरी वैन उपलब्ध होगी तथा इसे ग्रीन कॉरीडोर के रुप में विकसित किया गया है।

इस एक्सप्रेस-वे को 200 इंजीनियर और 2500 श्रमिकों की कड़ी मेहनत द्वारा तैयार किया गया है। केएमपी के तैयार होने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण और भारी वाहनों के आवागमन से राहत मिलेगी और दिल्ली में यातायात की जाम की समस्या कम होगी। केएमपी के बनने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर व अन्य राज्यों से आने वाले अन्य वाहनों को अन्य राज्य में जाने के लिए दिल्ली में नहीं जाना पड़ेगा और वे केएमपी का प्रयोग करके अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकते हैं। 

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