पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर HC का सुनवाई से इनकार, कहा-हम नहीं दे सकते दखल

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की दरों में रोजाना होने वाले बदलाव के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी जिसपर आज मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह नीतिगत मसला है और हम इसमें दखल नहीं दे सकता। हालांकि कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वो चार हफ्ते के अंदर याचिकाकर्ता की मांग पर गौर करे और देखे कि इसपर क्या हो सकता है। राष्ट्रीय राजधानी की रहने वाली याचिकाकर्ता पूजा महाजन ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा था कि कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वह पेट्रोल और डीजल को आवश्यक वस्तुएं माने और पेट्रोलियम उत्पादों के लिए उचित मूल्य तय करें। अधिवक्ता ए मैत्री के मार्फत दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने तेल उत्पादन कंपनियों (ओएमसी) को पेट्रोल और डीजल की कीमतें मनमाने ढंग से बढ़ाने की परोक्ष रूप से मंजूरी दे रखी है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार यहां पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को कच्चे तेल की दर में वैश्चिक स्तर पर वृद्धि से जोड़कर ‘‘ भ्रामक जानकारी ’’ का प्रसार कर रही है क्योंकि जब कच्चे तेल की कीमत आज के मुकाबले कम थी तब यहां पेट्रोल और डीजल की कीमत कम नहीं हुई। याचिकाकर्त्ता ने कहा कि उन्होंने जुलाई में भी इसी तरह की याचिका लगाई थी और अदालत ने उसका निबटारा केंद्र को यह कहते हुए कर दिया था कि वह इसे एक प्रस्तुतिकरण माने और फैसला ले। चूंकि सरकार ने उनके प्रस्तुतिकरण पर आज तक भी कोई फैसला नहीं लिया है इसलिए उन्होंने यह वर्तमान याचिका दायर की।

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