इटावा में फिर टूटी रेल पटरी, चालक की सूझबूझ से दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची पैसेंजर ट्रेन

इटावा: देश के सबसे व्यस्ततम दिल्ली-हावडा रेलमार्ग पर उत्तर प्रदेश में कौरारा और शिकोहाबाद के बीच पटरी टूटने से इटावा-आगरा पैसेंजर सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। रेलवे सूत्रों के अनुसार जिस समय ट्रेन शिकोहाबाद की ओर जा रही थी उसी समय तेज आवाज के साथ टूट गई। हालांकि चालक की सूझ-बूझ से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसके बाद भी ट्रेन में बैठे यात्री काफी समय तक दहशत में रहे। यात्रियों ने रेलवे की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी भी जताई।

उन्होंने बताया कि सर्दी में रेल पटरी चटकना आम बात है, लेकिन सोमवार को कौरारा एवं शिकोहाबाद के बीच जिस तरह से पटरी बीच से टूटी, उससे बड़ा हादसा भी हो सकता था। गाड़ी संख्या 64155 इटावा-आगरा पैसेंजर दोपहर करीब सवार 12 बजे इटावा स्टेशन पर पहुंची। इसके बाद ट्रेन आगरा के लिए रवाना हुई और सरायभूपत, जसवंतनगर, बलरई, भदान एवं कौरारा स्टेशन पर ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित पहुंची, लेकिन जब ट्रेन कौरारा से शिकोहाबाद के लिए रवाना हुई तभी खंभा नंबर 1211/3-5 के बीच तेज आवाज के साथ पटरी टूट गई।

चालक ने अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद ट्रेन 45 मिनट तक वहीं खड़ी रही। जब अस्थायी तौर पर प्लेटे लगाकर पटरी को ठीक किया गया। इसके बाद भी करीब 20 किलो मीटर प्रति घंटे का कॉशन लगाकर पैसेंजर के साथ अन्य ट्रेनों को निकाला गया।

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