प्रोफेशनल आतंकी तैयार कर रहा है IS

नई दिल्ली(संजीव यादव): गिरफ्तार आतंकी परवेज और जमशेद की गिरफ्तारी ने गृह मंत्रालय और एजैंसियों के उस दावे को खारिज कर दिया कि भारत में आईएसआईएस आतंकी संगठन की पैठ नहीं है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के कोर्ट में किए गए दावे के मुताबिक गिरफ्तार आतंकी आईएस संगठन का कश्मीर में सक्रिय सदस्य है और इन लोगों का जाल यूपी सहित कई राज्यों में फैला है, ऐसे में इनकी रिमांड जरूरी है। इसी दावे से साफ हुआ कि कश्मीर के अलावा कई राज्यों में आईएस दस्तक दे चुका है। मामले में डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि आईएस की 12 इंटरनेशनल ब्रांचों में से एक ब्रांच आईएसजेके के नाम से कश्मीर में सक्रिय हो चुकी है,लेकिन अभी तक उसकी पूर्ण जानकारी नहीं थी, इनकी गिरफ्तारी ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। 

उसके पास हैं बीटेक मैकेनिकल इंजीनियर
गिरफ्तार आतंकी परवेज राशिद पेशे से इंजीनियर है और वह फिलहाल एमटेक का स्टूडेंट है। बीटेक मैकेनिकल के बाद वह एक साल गायब रहा था, जिसके बाद से ही वह आईएस आतंकी के प्रभाव में आया। प्रारंभिक पूछताछ में परवेज ने बताया है कि वह बम बनाने की ट्रेनिंग ले चुका है, लेकिन अभी उसका काम किसी आतंकी घटना को करना नहीं बल्कि उन प्रोफेशनल लड़कों को अपनी टीम में शामिल करना है जो एक सुनियोजित तरीके भारत में आतंकी घटना को अंजाम दे सके। जांच में ये भी पता चला कि कश्मीर में हाल में इस संगठन के कई युवा ऐसे जुड़े हैं जो पढ़े लिखे हैं और किसी न किसी प्रोफेशनल गतिविधि से जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि मौजूदा समय में ये यूपी के इंजीनियरिंग कालेज में रहकर वहां के लड़कों को अपने प्रभाव में लाने में लगा हुआ  था। हाल में उसे आदेश मिले थे कि वह कश्मीर आए और इसी इरादे से जल्दबाजी में कश्मीर के लिए रवाना हुआ था। 

कई बार उसने दिल्ली को बनाया ट्रांजिट
परवेज ने बताया कि वह गजरौला और देवबंद अक्सर आता जाता था। उसे हाल में देवबंद से ये हथियार मिले थे और इन्हें ये कश्मीर लेकर जा रहा था। उसने बताया है कि इससे पूर्व में तीन बार पहले भी हथियारों की भारी खेप को लेकर बसों के जरिए सफर कर चुका है। 

परवेज अपने भाई की विचारधारा से हुआ प्रभावित 
गिरफ्तार आतंकी जमशेद के पिता जम्मू एवं कश्मीर पुलिस में हैं और इसके भाई फिरदौस को 24 जनवरी 2018 में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। फिरदौस आतंकी समीर बानी का दायां हाथ और उसी के साथ रहता था। परवेज के मुताबिक बानी उसके घर अक्सर आता और उसी की बातों से वह आतंकी बनने को प्रभावित हुआ था। 

आईएस की पैठ कश्मीर में मजबूत 
फरवरी 2016 में इस्लामिक स्टेट ने ऑनलाइन पत्रिका दाबिक के जरिए जम्मू-कश्मीर में अपनी मौजूदगी का दावा किया था। आईएसआईएस घाटी में अपना प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए इस ऑनलाइन पत्रिका का इस्तेमाल करता है। जबकि 2017 में जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस ने कश्मीर में एक आतंकी संगठन क आईएसजेके का नाम दे दिया। इसी संगठन ने नवंबर 2017 में श्रीनगर के जाकुरा इलाके में एक इंस्पेक्टर को गोली मार दी थी।

लालकिले से चलने वाली बसों पर एजेंसियों की नजर
बता दें कि लालकिले के पास करीब 100 से अधिक ट्रेवलिंग एजैंसियां जिनकी बसें पंजाब, कश्मीर ,हिमाचल और राजस्थान के अलावा अन्य शहरों के लिए चलती हैं। सूत्रों के मुताबिक इन बसों में रात में भारी मात्रा में अवैध सामानों की तस्करी की जाती है। बताया जाता है इन बसों के जरिए व्यापारी टैैक्स चोरी कर अपना माल अन्य राज्यों में बेधड़क भेजते हैं। इसी का फायदा आतंकी उठा रहे हैं। परवेज के बयानों के बाद से यहां से अन्य राज्यों को चलने वाली बसों में होने वाली अवैध ढुलाई शक के घेरे में है। 
 

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