नागरिक अधिकारों की रक्षा पर संसदीय समिति ने फेसबुक अधिकारियों को किया तलब

मुंबईः सोशल मीडिया पर नागरिक अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा के लिए संसदीय समिति ने फेसबुक, इसके मैसेजिंग सर्विस वॉट्सऐप और फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम के प्रतिनिधियों को तलब किया है। इन अधिकारियों को अगले महीने की शुरुआत तक पेश होने को कहा गया है। इसी समिति ने ट्विटर सीईओ को भी बुलाया है। 

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सोशल मीडिया राजनीतिक झूठी खबरों को प्रसारित करने का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले इन टेक कंपनियों को कड़ी निगरानी से गुजरना पड़ रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने लिए दूसरा टर्म चाहेंगे। 

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़ी संसदीय समिति की ओर से गुरुवार को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि समिति को फेसबुक और इसकी इकाइयों के अधिकारियों का पक्ष 6 मार्च को सुनना है। इसमें आगे कहा गया है कि विषय होगा- सोशल या ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर नागरिक अधिकारों की सुरक्षा। 

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पैनल ने भारतीय अधिकारियों को बुलाया है या कंपनी के ग्लोबल प्रतिनिधियों को पेश होने को कहा है। फेसबुक ने इसपर टिप्पणी से इनकार किया तो वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम ने जवाब के लिए अपील पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

समिति ने इससे पहले इसी मुद्दे पर ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी को 25 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है। इस बीच खबर है कि डोर्सी संसदीय समिति के समक्ष पेश नहीं होंगे। उनके स्थान पर ट्विटर के लोक नीति प्रमुख कोलिन क्रोवेल को भेजा जाएगा। ट्विटर के प्रवक्ता ने ई - मेल से भेजे बयान में शुक्रवार को कहा, 'हम सोशल मीडिया और ऑनलाइन न्यूज प्लैटफॉर्म्स पर नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर ट्विटर के विचार सुनने के लिए आमंत्रित करने के लिए संसदीय समिति का धन्यवाद करते हैं।' उन्होंने कहा, 'ट्विटर के लोक नीति विभाग के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष कोलिन क्रोवेल सोमवार को समिति के साथ बैठक करेंगे।' 
 

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