पाकिस्तान की भारत के खिलाफ नई साजिश का पर्दाफाश, मदद कर रहा चीन

इस्लामाबादः पुलवामा हमले के जबाव में भारतीय वायु सेना द्वारा बालाकोट में जैश-ए मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर स्ट्राइक से पाकिस्तान सरकार और सेना बौखला गई है। आतंकवाद को लेकर भारत द्वारा बनाए दबाव के बाद पाक बाहरी तौर पर तो शांति बनाए रखने का दावा कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ उसकी भारत के खिलाफ नई साजिश का पर्दाफाश हो गया है। अपनी नई चाल के तहत पाकिस्तानी सेना लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के उस पार कई जगहों पर भारी हथियारों से लैस यूएवी यानी ड्रोन तैनात करने में जुटी है। इस संबंध में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अपनी रिपोर्ट सुरक्षा महकमे में शेयर की है।



ड्रोन क्षमता को बढ़ा रहा पाक:  इस रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान पुंछ, राजौरी, उरी, नौशेरा और सुंदरबनी जैसे करीब दर्जन भर जगहों पर आर्म्ड यूएवी तैनात करने में जुटा है। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान ने भारत की एयर स्ट्राइक के बाद कई जगहों पर ड्रोन उड़ाए थे, जिन्हे भारतीय जांबाजों ने सीमा पर ही मार गिराया था। सबसे पहले पाकिस्तान के ड्रोन UCAV ने गुजरात में घुसपैठ करने की जुर्रत की से सेना की सजगता ने विफ़ल कर दिया। अब रिपोर्ट है कि पाकिस्तान अपनी ड्रोन क्षमता को बढ़ाने में लगा है। पाकिस्तान के पास इस समय UCAV बराक किस्म के ड्रोन हैं जो टोह लेने के लिए काम में लाए जाते हैं।लेकिन पाकिस्तान अब आने वाले दिनों में अपनी ड्रोन क्षमता बढ़ाने की कोशिश में लगा है।



चीन से डील की कोशिश:  रिपोर्ट तो ये भी हैं कि चीन से नए तरीके के आर्म्ड ड्रोन खरीदकर पाकिस्तान एलओसी पर भारी संख्या में तैनाती करने में जुटा है। इस रिपोर्ट के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा चौकन्नी हो गई हैं और बीएसएफ, सेना और वायु सेना को अलर्ट कर दिया गया है। पाकिस्तान चीन से विंग लूंग-2 किस्म के 48 ड्रोन खरीदने के लिए भारी कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की ये डील पिछले साल अक्टूबर नवंबर महीने से चीन के साथ चल रही है। चीन ने अपने सबसे खास सहयोगी पाकिस्तान को 48 अत्याधुनिक सैन्य ड्रोन बेचने का फैसला किया है. विंग लूंग-2 ड्रोन को लेकर हुए इस समझौते पर जानकारों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान के बीच का यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य करार है। फिलहाल इस बड़े समझौते की कीमत का खुलासा नहीं किया गया है। कहा जा रहा है कि इस ड्रोन की क्षमता लगभग अमेरिकी एमक्यू-9 रेपर ड्रोन के बराबर है।सूत्रों ने   बताया कि विंग लूंग-2 ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी के साथ हमले में भी किया जा सकता है।




मसूद अजहर और चीन-पाकिस्तान दोस्ती: आतंक के मुद्दे पर चीन-पाकिस्तान दोस्ती की मिसाल ही है कि हाल में मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के मसले पर चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा नजर आया। कहा जा रहा कि आगे चलकर पाकिस्तान और चीन साथ में ड्रोन का निर्माण भी करेंगे। अब चीन पाकिस्तान को ऐसे ड्रोन बेचकर ये जता रहा है कि वो पाकिस्तान को हर एक मुद्दे पर बचाता रहेगा। फिर चाहे मसूद अजहर को बचाने की बात हो या आधुनिक हथियार पाकिस्तान को देकर मजबूत करने की, चीन हर मोर्चे पर उसके साथ खड़ा है। 

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