खालिस्तानी आंतकियों के जरिए भारत के खिलाफ साजिश रच रहा पाक, निशाने पर सेना और पुलिस बल

इस्लामाबादः पुलावामा हमले के बाद आंतकवाद के मुद्दे पर पूरी दुनिया में घिरा पाकिस्तान दिखावे के लिए भारत के साथ शांति का आलाप राग रहा है जबकि हकीकत कुछ और ही है। वैश्विक दबाव में भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए बातचीत को पहल देने का दावा करने वाले नापाक पाक की एक और नापाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पाक ने अब आतंक का नकाब बदलते हुए पाकिस्तान ने अब खालिस्तानी आतंकियों के जरिए भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। इसको लेकर खुफिया एजेंसियों ने देश में अलर्ट जारी किया है। इन आतंकियों के निशाने पर सेना और पुलिस बल के अफसर हैं।  



जानकारी के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में एक दर्जन से ज्यादा लोग इन आतंकियो के निशाने पर हैं. इसको देखते हुए खुफिया एजेंसियों ने एक लिस्ट भी जारी की है। बता दें कि खालिस्तानी आतंकियों से पाकिस्तान के संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। पाकिस्तान कई सालों से खालिस्तान समर्थकों को भारत में आतंक फैलाने के लिए प्रेरित करता रहा है। पिछले साल अप्रैल में खबर आई थी कि पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठन खालिस्तानी आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं।

पिछले साल नवंबर में करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में खालिस्तान के अलगाववादी नेता गोपाल चावला की मौजूदगी दर्ज की गई थी। समारोह में खालिस्तान के अलगाववादी नेता गोपाल सिंह ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया था। आपको बता दें कि खालिस्तानी आतंकी एक अलग राष्ट्र खालिस्तान की मांग करते रहे हैं।



साल 1973 में पंजाब के आनंदपुर साहिब में सिखों ने एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें पंजाब को एक स्वायत्त राज्य के रुप में मानने की बात की गई थी। इस प्रस्ताव को ख़ालिस्तान आंदोलन की शुरुआत माना जाता है। 1980 के दशक में जब पंजाब में हिंसा और आतंक का दौर था, तब सिखों ने एक अलग राष्ट्र खालितस्तान की मांग की थी।

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