इमरान के सिर सजेगा PM का ताज, दुनिया में  बनेगा नया इतिहास (जानें जीत के मुख्य कारण)

इस्लामाबाद (तनुजा तनु): क्रिकेटर से राजनेता बने तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान का  परमाणु संपन्न पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभाग तय हो चुका है। पाक आम चुनाव के अभी तक आए रुझानों में इमरान खान की  पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके अलावा दुनिया में यह पहली बार होगा, जब कोई क्रिकेटर किसी देश का प्रधानमंत्री बनेगा। इमरान खान के लिए क्रिकेटर से राजनेता बनने  का सफर इतना आसान नहीं था।क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद इमरान खान ने साल 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की स्थापना की।पहली बार उनकी पार्टी को सिर्फ एक ही सीट पर जीत मिली थी।हालांकि उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और आखिरकार वो दिन आ गया, जब इमरान खान का  प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा होगा। जानते हैं इमरान खान की जीत की सबसे बड़ी वजहें ... 


 शरीफ परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का खुलासा

पाकिस्तान की मौजूदा राजनीति में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा है। इमरान खान ने अपने चुनावी अभियान के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। शरीफ और भुट्टो परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले सामने आने से इमरान खान के अभियान को बल मिला।आम चुनाव से ठीक पहले पनामा मामले में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी और जेल जाना पड़ा। वहीं, इमरान खान के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है।उनकी छवि काफी साफ सुथरी है, जिसके चलते जनता उनकी ओर आकर्षित हुई।

वंशवाद के खिलाफ जनादेश
पाकिस्तान की राजनीति में भुट्टो और शरीफ परिवार काफी लंबे समय से सत्ता पर काबिज हैं। सेना के वर्चस्व के बावजूद इन दो परिवारों ने पाकिस्तान में सबसे लंबे समय तक राज किया। लिहाजा जनता इस बार वंशवाद से छुटकारा पाना चाहती थी। इमरान खान की जीत को वंशवाद के खिलाफ जनादेश के रूप में देखा जा रहा है।

 इमरान खान को सेना और कट्टरपंथियों का खुला समर्थन
पाकिस्तान के आम चुनाव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को सेना और कट्टरपंथियों का भी खुला समर्थन मिला। इमरान खान को सेना की पहली पसंद माना जा रहा है. यही वजह रही कि इमरान खान ने चुनाव के दौरान पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया और दूसरी पूर्व पीएम नवाज शरीफ के सेना के खिलाफ बयान को भुनाने की कोशिश की। इमरान खान ने नवाज शरीफ पर बयानबाजी करके सेना को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. इसके अलावा कट्टरपंथी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन का सरगना और अलकायदा का खास फज़लुर रहमान खलील ने भी इमरान खान की पार्टी का समर्थन किया है।

युवाओं को आकर्षित करने में सफल रहे इमरान खान
पाकिस्तान के युवाओं में इमरान खान का काफी प्रभाव है। उनको पाकिस्तान क्रिकेट का आईकन माना जाता है। महज 13 साल की उम्र से इमरान ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान के लिए अपना डेब्यू 1971 में बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 18 साल की उम्र में किया। करीब दो दशक तक क्रिकेट खेलने के दौरान उन्होंने 1982-1992 तक पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कमान संभाली। इतने लंबे समय तक कप्तान रहने वाले वे पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने साल 1992 में पाकिस्तान को पहला और इकलौता क्रिकेट वर्ल्ड कप जिताया। इमरान खान को पाकिस्तान का सबसे सफल खिलाड़ी और कप्तान माना जाता है।

 राष्ट्रवादी छवि बनाने और भुनाने में कामयाब रहे इमरान खान
पाकिस्तान में इमरान खान ने अपनी छवि एक राष्ट्रवादी नेता के रूप बनाई। देशहित से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। खासकर भारत के खिलाफ बयानबाजी का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भारत का लाडला करार दिया। इमरान खान ने देशभक्ति के मसले को लेकर नवाज शरीफ को जमकर घेरा, जिसका फायदा उनको चुनाव में मिला। उन्होंने पाकिस्तान में अमरीकी सेना के दखल का भी खुलकर विरोध किया। इसके अलावा इमरान खान ने पाकिस्तान को पहला वर्ल्ड कप दिलाया और फिर क्रिकेट से संन्यास लेकर समाज सेवा में जुटे रहे।

दिखाया विकास का सपना
इमरान खान ने चुनाव के दौरान युवाओं को विकास का सपना दिखाया। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो वो पाकिस्तान को भारत से भी आगे ले जाएंगे। वर्तमान में पाकिस्तान में बेरोजगारी और गरीबी बड़ा मुद्दा है।लिहाजा इमरान खान के विकास के वादे ने युवाओं को काफी प्रभावित किया।

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