Kundli Tv- OMG ! ये क्या Wife ने Husband को बांधी राखी

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रक्षाबंधन पर्व पर जहां बहनों को भाइयों की कलाई में रक्षा का धागा बांधने का बेसब्री से इंतजार रहता है, वहीं दूर-दराज बसे भाइयों को भी इस बात का इंतजार रहता है कि उनकी बहना उन्हें राखी भेजे। रक्षाबंधन का अर्थ है रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जिसमें एक दूसरे की कलाई पर सूत्र बांधते हैं, जिसे राखी कहते हैं। कच्चे सूत का ये बंधन हमारी अटूट परम्पराओं का प्रतीक है। यह सूत्र गुरु-शिष्य, ब्राह्मण अपने यजमान को व बहनें अपने भाई को बांधती हैं। सनातन संस्कृति के अनुसार भाई पर बहन की रक्षा का विशेष दायित्व होता है। अतः यह पर्व भाई-बहन के विशेष त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। 

रक्षाबंधन पर्व का प्रारंभ इंद्र पत्नी शची (इंद्राणी) द्वारा इंद्रदेव को रक्षा-सूत्र बांधने से हुआ था। कालांतर में 12 साल तक देवासुर संग्राम चला। जिससे देवगण हारने लगे। शची ने इंद्र की रक्षा व विजय हेतु कच्चे सूत से बना रक्षा सूत्र का विधिवत स्वस्तिवाचन व पूजन करके रक्षा सूत्र इंद्र की दहिनी कलाई पर बांधा। जिससे इंद्र देवासुर संग्राम में विजयी हुए। 

इस दिन जल-देव वरुण के प्रसननार्थ पूजन भी किया जाता है, जिसमें शिव के त्रिनेत्र का प्रतीक नारियल भी जलप्रवाह करते हैं। राखी बांधते समय भी नारियल का पूजा में होना आवश्यक है। इस दिन ब्राह्मण भी नए यज्ञोपवीत धारण करते हैं। रक्षाबंधन के विशेष पूजन व उपाय से रिश्तों में मिठास आती है, मनोविकार दूर होते हैं, धनागमन होता है व सेहत की सुरक्षा होती है।

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