मुकेश अंबानी की कंपनी प्रतिबंधों से बचकर वेनेजुएला को बेच रही तेलः रिपोर्ट

नई दिल्लीः मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिकी प्रतिबंध से बचते हुए वेनेजुएला को भारत और यूरोप से वेनेजुएला को तेल बेच रही हैं। यह जानकारी इस बिजनेस से जुड़े सूत्रों और रेफिनिटिव एकोन डाटा ने दी है। रिलायंस अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी के जरिए वेनेजुएला को एल्किलिट, डायल्यूएंट नफाता और अन्य ईंधन की आपूर्ति कर रहा है। इससे पहले अमेरिका ने जनवरी में प्रतिबंध लगाए थे। इस प्रतिबंध का उद्देश्य ओपेक देशों द्वारा वेनेजुएला को तेल बिक्री पर अंकुश लगाना था। इसमें वेनेजुएला की सरकारी कंपनी पीडीवीएसए से बिजनेस करने पर रोक लगाई गई थी। सूत्रों और डाटा के अनुसार हाल के सप्ताह में भारतीय कंपनी की तरफ से कम से कम तीन वेसल्स रिफाइंड प्रोडक्ट्स वेनेजुएगा को सप्लाई किया गया।

साथ ही एक अन्य वेसल के जरिए गैसोलीन इस दक्षिण अमेरिकी देश को भेजे जाने की उम्मीद है। रॉयटर्स के भेजे ई-मेल में आरआईएल के प्रवक्ता ने कहा, रिलांयस प्रतिबंधों का पालन करती है और करती रहेगी। कंपनी संबंधित अथॉरिटी के साथ मिलकर काम करेगी। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वेनेजुएला को भेजे जाने वाले प्रोडक्ट्स की सप्लाई और क्रूड ऑयल में बढ़ोतरी नहीं की गई है।

रिलायंस मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली भारतीय कंपनी है। कंपनी का अमेरिकी फाइनेंसियल सिस्टम में अच्छा दखल है। रिलायंस यहां अपनी सहयोगी कंपनी के जरिये तेल, दूरसंचार क्षेत्र में बिजनेस करती है। वहीं, वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के लिए भी भारतीय बाजार काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐतिहासिक रूप से ओपेक देशों के क्रूड का कैश पेमेंट करने वाला दूसरा सबसे बड़ा कस्टमर है।

रेफिनिटिव एकोन के डाटा के अनुसार रिलायंस ने मोटर गैसोलीन एल्किलिट को टॉर्म मैरी और टॉर्म एनाबेल वेसल्स से हाल के सप्ताह में वेनेजुएला भेजा। ये वेसल्स भारत से चलकर स्वेज नहर के रास्ते से गुजरे। कंपनी ने टॉर्म ट्रॉइय्लस गैसोलीन कार्गो को भी वेनेजुएला भेजा। कंपनी वेनेजुएला को 35 हजार टन गैसोलीन भेजने की तैयारी कर रही है।
 

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