दिल्ली विश्वविद्यालय: NSUI का वूमेंस स्पेशल मेनिफेस्टो

नई दिल्ली:दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के मद्देनजर एनएसयूआई ने वीरवार को छात्राओं की समस्याओं और उनके मुद्दों पर अलग से वूमेंस मेनिफेस्टो जारी किया। जिसमें डीयू की 6 महिला कॉलेजों के अलावा डीयू के विभिन्न कॉलेजों में पढऩे वाली छात्राओं की समस्याओं से संबंधित कुछ मुद्दे उठाए गए हैं। इस दौरान छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

एनएसयूआई द्वारा मैनिफेस्टो राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एन. डिसूजा, प्रदेश अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी, वरिष्ठ नेता किरण वालिया, पूर्व डूसू अध्यक्ष अमृता धवन, रुचि गुप्ता व अक्षय लाकड़ा मौजूद रहे। जहां इस दौरान शर्मिष्ठा मुखर्जी ने छात्र राजनीति में छात्राओं की पैरवी पर बल दिया। वहीं किरण वालिया ने कहा कि छात्राओं की परेशानियों को समाप्त करना व उनके प्रति जवाबदेही तय करना जरूरी है ताकि छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर में होने वाली छेड़छाड़ पर रोक लगाई जा सके। इस दौरान अमृता धवन ने कहा कि एनएसयूआई ही एकमात्र ऐसा छात्र संगठन है जिसने एक समय पर दो महिला कैंडिडेट को डूसू चुनावों में उतारा था। वहीं रुचि गुप्ता व अक्षय लाकड़ा का कहना था कि एनएसयूआई छात्राओं के प्रतिनिधित्व के पक्ष में शुरू से ही रही है।

एनएसयूआई के मैनिफेस्टो में डीयू की महिला कॉलेजों के अलावा अन्य छात्राओं की समस्याओं से संबंधित कुछ मुद्दे उठाए गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों में महिलाओं के यौन उत्पीडऩ को रोकने के लिए यूजीसी की नियमों को ध्यान में रखते हुए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन, सेल्फ डिफेंस के लिए क्लास, कॉलेजों में महिला स्वास्थ्य संबंधित परामर्श की व्यवस्था, छात्राओं की कौशल विकास और उद्यमिता पर विशेष सेमिनार के साथ-साथ खेल और व्यक्तित्व विकास के मार्गदर्शन और सलाह की व्यवस्था करवाने आदि को अपने घोषणा पत्र में प्रमुखता से रखा है। घोषणा पत्र जारी करते हुए डीयू की छह महिला कॉलेजों की सैकड़ों छात्राओं ने गीत-संगीत, कला और डांस प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसके बाद विजेता छात्राओं को एनएसयूआई द्वारा पुरस्कार भी दिया गया। इसके साथ ही एनएसयूआई ने गत वर्षों में किए गए कामों का भी उल्लेख किया है।

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