अब पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए नहीं भटकेंगे हिमाचल के युवा

शिमला:हिमाचल में पढ़ाई पूरी करने के बाद अब कोई भी युवक नौकरी के लिए इधर-उधर नहीं भटकेगा। शिक्षा विभाग ने उद्योग जगत के साथ इन युवाओं को नौकरी दिलाने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए इस साल विभाग ने राज्य के 10 कालेजों में उत्कृष्ट दक्षता एवं स्वरोजगार केंद्र खोले हैं। यह कॉलेज सैंटर ऑफ एक्सिलैंस की तर्ज पर चलेंगे। उत्कृष्ट दक्षता एवं स्वरोजगार केंद्र में कैंपस प्लेसमैंट ड्राइव में हर महीने 2 हजार युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। एक साल में 25 हजार युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी मुहैया करवाई जाएगी और 5 सालों में विभाग डेढ़ लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी दिलाएगा। 

5 साल चलेगी विभाग की योजना

बता दें कि विभाग की यह योजना 5 साल तक चलेगी। इसके तहत कॉलेजों में गाइडैंस ब्यूरो बनाकर स्टूडैंट की रजिस्ट्रेशन की जाएगी। कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों के अलावा स्कूल, आई.टी.आई. से पासआऊट स्टूडैंट भी इसमें अपनी रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। कॉलेज इसके लिए शैड्यूल जारी करेगा। रूटीन क्लास से हटकर इसकी अलग से क्लास लगेगी। इस दौरान इंडस्ट्री एक्सपर्ट कॉलेजों का दौरा कर स्टूडैंट को ट्रेंड करेंगे। स्टूडैंट के कम्युनिकेशन स्किल, आई.टी. और वर्क स्किल को इम्प्रुव करने पर कार्य किया जाएगा। कॉलेज में पढ़ रहे स्टूडैंट और पासआऊट स्टूडैंट की क्लास अलग-अलग होगी। ट्रेनिंग के बाद कॉलेज में ही शिक्षा विभाग प्लेसमैंट ड्राइव आयोजित करेगा। इस दौरान बड़ी और नामी कंपनियां बुलाई जाएंगी। कैंपस इंटरव्यू के बाद ही कंपनी छात्रों को नियुक्ति पत्र जारी करेगी। शिक्षा विभाग उद्योगों के साथ मिलकर इस योजना को अमलीजामा पहनाएगा। उद्योग कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सी.एस.आर.) के तहत इसके लिए वित्तीय सहयोग करेंगे।

विभाग का है नया कांसैप्ट 

शिक्षा विभाग की राज्य परियोजना अवलोकन एवं नई पहल इकाई इसके लिए नया कांसैप्ट लेकर आई है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सी.एस.आर.) के तहत कंपनियों के साथ एम.ओ.यू. साइन किया गया है। यह कंपनियां युवाओं को नौकरी देने से पहले उन्हें बाकायदा ट्रेङ्क्षनग भी देगी। इसी कड़ी में हाल ही में प्रदेश सरकार ने सैच्यूरियन तकनीकी एवं प्रबंधन विश्वविद्यालय के साथ एम.ओ.यू भी साइन किया है। इसके तहत प्रदेश में छात्र विभिन्न उद्योगों में काम-काज करते हुए आई.टी.आई. डिप्लोमा व्यावसायिक उपाधि, स्नातक उपाधि तथा पी.एच.डी. तक की शिक्षा ग्रहण कर सकता है। इस वर्ष 100 छात्राओं को जापान की कंपनी में प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। इन छात्राओं को कंपनी 9,200 रुपए प्रतिमाह वेतन भी देगी। एन.सी.वी.टी. कार्यक्रम के तहत ये छात्र पढ़ाई के साथ कमाई करेंगे। इस बार विभाग सी.सी.आई. से इसमें पहले बैच का प्रशिक्षण दिलाएगा। इसके बाद इसमें गरीब बच्चों को मौका दिया जाएगा। जो कमाई के लिए पढ़ाई छोड़ देते थे।

कॉलेजों में कॉमर्स के छात्रों के  लिए खोली जा रही वित्त लैब

प्रदेश में वाणिज्य संकाय (कॉमर्स) के छात्रों को उद्योग जगत की जरूरत के अनुसार कार्य अनुभव के लिए वरचुअल क्लासिज शुरू की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के कॉलेजों में वित्त लैब खोली जा रही है। ये लैब नालागढ़, पांवटा साहिब, ऊना, नादौन, कोटशेरा, धर्मशाला, मंडी, बिलासपुर और सोलन कालेज में खोली जाएगी। संजौली में ये लैब खोली जा चुकी है।

क्या कहते हैं अधिकारी और मंत्री 

राज्य परियोजना मूल्याकंन एवं नवीन प्रयास ईकाई के राज्य परियोजना निदेशक शक्ति भूषण का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद प्रदेश के लिए नई योजना लाई गई है। इस योजना के तहत 5 वर्षों में डेढ़ लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान आई.टी.आई छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ कमाई की योजना भी लाई गई है। वहीं शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार कॉलेज व स्कूल पास कर चुके छात्रों को अब रोजगार भी दिलवाएगी। इसके लिए राज्य में नई-नईं योजनाएं शुरू की गई है। इस दौरान प्रदेश के 10 कालेजों में उत्कृष्ट दक्षता एवं स्वरोजगार केंद्र खोले गए हैं। इन कालेजों में छात्रों को कारपोरेट जगत में नौकरी के लिए तैयार किया जाएगा। इसके बाद कॉलेजों में प्लेसमैंट ड्राइव चलाई जाएगी।  

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