हमें लोकतंत्र में विश्वास, लेकिन कश्मीर में प्रचलित वाली पर नहीं : मीरवायज

श्रीनगर : हुर्रियत कांफ्रैंस (एम) चेयरमैन मीरवायज उमर फारुक ने शुक्रवार को कहा कि हुरियत कभी भी चुनावों के आयोजन के खिलाफ नहीं था लेकिन लाखों सुरक्षाबलों की मौजूदगी में आयोजित चुनाव कश्मीर को नुकसान पहुंचाने के मकसद वाला सैन्य अभ्यास को छोडक़र कुछ नही हैं। आज यहां ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमा नमाज पर जनसभा को संबोधित करते हुए मीरवायज ने कहा कि अफ्सपा जैसे काले कानूनों, प्रतिरोध नेताओं की सामूहिक गिरफतारी और युवकों की हत्याओं की मौजदगी में चुनावों का आयोजन व्यर्थ हैं। 


उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं लेकिन लाखों सुरक्षाबलों जो लोगों के सभी लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रहे हैं की मौजूदगी में कश्मीर में प्रचलित वाली लोकतंत्र पर विश्वास नहीं हैं। यहां लोकतंत्र का मतलब सैन्य शक्ति है।  मीरवायज ने कहा कि हुर्रियत और कश्मीर के लोग आत्मनिर्भरता के अधिकार के लिए चुनाव में भाग लेंगे क्योंकि इससे वास्तविक लोकतंत्र के लिए मार्ग प्रशस्त होगा। 

 

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