‘उत्तर प्रदेश भाजपा’ में उठ रहे कोरोना को लेकर ‘आलोचना के स्वर’

5/19/2021 5:02:39 AM

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ ने एक धार्मिक नेता के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मु यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर अपनी सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं हैं। उनके कार्यकाल में 40 लाख परिवारों को आवास और 1.38 करोड़ परिवारों को बिजली कनैक्शन, 5 एक्सप्रैस-वे के निर्माण में तेजी लाने, गांव-गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के अलावा मथुरा एवं राज्य के अन्य धर्मस्थलों का जीर्णोद्धार किया गया है। 

नि:संदेह योगी आदित्यनाथ राज्य में बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं परन्तु इसके बावजूद देश के साथ-साथ प्रदेश में फैले कोरोना महामारी के प्रकोप से निपटने में त्रुटियों को लेकर विरोधियों के साथ-साथ उनकी अपनी ही पार्टी के नेता अपनी बात न सुनी जाने की शिकायत कर रहे हैं।

प्रदेश के अनेक भाजपा नेताओं का कहना है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी सं या में कोरोना उपचार केंद्रों पर रोगियों की देखभाल की समुचित सुविधाओं के अभाव, ऑक्सीजन के सिलैंडरों तथा आई.सी.यू. बैड्स आदि की जरूरत बारे मिलने वाली शिकायतें संबंधित अधिकारियों को भेजते हैं परन्तु उन पर कोई अमल नहीं होता। 

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने 9 मई को योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिख कर कहा था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र बरेली के अधिकारी फोन नहीं उठाते। उन्होंने ऑक्सीजन के खाली सिलैंडरों की कमी और चिकित्सा उपकरणों की बढ़ी कीमतों की भी शिकायत की। 10 मई को फिरोजाबाद में ‘जसराना’ से भाजपा विधायक राम गोपाल लोधी ने शिकायत की कि उनकी कोरोना पॉजिटिव पत्नी को आगरा के अस्पताल में समय पर दवाएं और पानी तक नहीं दिया गया और उन्हें फर्श पर लेटना पड़ा। मेरठ से सांसद राजेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि अभी भी उन्हें लोगों की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

16 मई को भाजपा के स्थानीय व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल ‘शारदा’ ने ट्वीट करके योगी आदित्यनाथ से कहा कि ‘‘मेरठ के एल.एल.आर.एम. मैडीकल कालेज के हालात बद से बदतर हैं।’’ ‘‘गांवों में रोज हालात खराब हो रहे हैं। आपकी मेहनत की प्रदेश की जनता सराहना कर रही है परन्तु कुछ अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं। कृपया उन्हें सही करें।’’ कुछ सांसदों का कहना है कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र विशेष रूप से बुरी तरह प्रभावित हैं।

यहां तक कि शवों को गंगा में बहाया जा रहा है या नदियों के किनारे दफन किया जा रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के सीतापुर (सदर) से भाजपा विधायक राकेश राठौर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘हम ज्यादा बोलेंगे तो देशद्रोह, राजद्रोह हम पर भी तो लगेगा...विधायकों की हैसियत ही क्या है।’’ ‘‘भैया बहुत अच्छा चल रहा है इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हम सरकार तो हैं नहीं लेकिन यह जरूर बता सकते हैं कि जो सरकार कह रही है वह ठीक मानो।’’ 

उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें उन्होंने प्रदेश में कोरोना पीड़ितों के लिए बैड के अभाव और ए बुलैंसों के देर से पहुंचने की शिकायत की थी। हालांकि कुछ भाजपा नेता स्थिति में कुछ सुधार होने की बात कह रहे हैं परन्तु यह तो स्पष्टï ही है कि कहीं न कहीं भूल-चूक जरूर हुई है। जैसा कि संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत ने हाल ही में कहा भी है कि : ‘‘कोरोना की पहली लहर के बाद हम सब लापरवाह हो गए थे और गफलत में आ गए थे। इसमें आम लोग, सरकार या प्रशासन शामिल है लेकिन इसके बावजूद हमें एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की नहीं, एकजुटता से एक टीम बनकर स्थिति का मुकाबला करने की जरूरत है।’’ 

इन हालात में मु यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रही आवाजों के अलावा जमीनी स्तर से मिलने वाली रिपोर्टों पर तुरन्त ध्यान देकर अपनी सरकारी मशीनरी को दुरुस्त करें और कोरोनाग्रस्त इलाकों को  चिन्हित करके वहां तुरंत कठोर प्रतिबंध लगा कर कोरोना टैस्ट तथा वैक्सीनेशन तेज करवाएं ताकि लोगों की शिकायत दूर हो और प्रदेश इस समस्या से मुक्ति की ओर कदम बढ़ाए।—विजय कुमार


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