रेलगाड़ियां पहले की भांति चलाने का देर से लिया गया निर्णय

11/14/2021 3:18:04 AM

कोरोना महामारी के प्रकोप से पूर्व देश में 1700 से अधिक मेल-एक्सप्रैस तथा 3500 पैसेंजर रेलगाडिय़ां चलती थीं परंतु लॉकडाऊन के कारण 24 मार्च, 2020 को देश में सभी रेलगाडिय़ों का परिचालन बंद कर दिया गया था जिसे बाद में बढ़ा कर 1 अगस्त, 2020 तक कर दिया गया। रेल राज्यमंत्री राव साहब दानवे ने 22 अगस्त, 2021 को बताया था कि महामारी के दौरान यात्री रेल सेवाएं बंद करने के परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे को कम से कम 36,000 करोड़ रुपयों के राजस्व का घाटा हुआ। इस दौरान केवल जरूरी वस्तुओं की ढुलाई के लिए मालगाड़ियों का परिचालन ही जारी रखा गया जिससे थोड़ी-बहुत कमाई हुई। 

इस बीच कोरोना की पहली लहर के शिखर काल के दौरान सारी गतिविधियां ठप्प हो जाने के कारण बेरोजगार हुए प्रवासी कामगार कोरोना तथा भुखमरी के डर के मारे पैदल ही दूसरे राज्यों में अपने गांवों को जाने हेतु चल पड़े तथा इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में अनेक लोगों की जान चली गई। ऐसे लोगों की सहायता के लिए रेलवे ने 1 मई, 2020 को कुछ श्रमिक स्पैशल रेलगाडिय़ां और फिर 1 जून को कुछ विशेष राजधानी रेलगाडिय़ां चलाईं। 

इसके बाद धीरे-धीरे रेलगाडिय़ों की संख्या बढ़ाई गई तथा इस समय देश में विशेष टैग नम्बर के साथ ‘थोड़ा अधिक किराए वाली’1744 रेलगाडिय़ां  सामान्य से 30 प्रतिशत तक अधिक किराया लेकर चलाई जा रही हैं परंतु इस समय जनरल बुकिंग एवं एम.एस.टी. की सुविधा पहले की तरह न होने के कारण आम यात्रियों के अलावा दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

रेलयात्रियों की इसी परेशानी को देखते हुए अब भारतीय रेलवे ने कोविड महामारी से पहले की भांति सभी यात्री रेलगाडिय़ां बहाल करने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 12 नवम्बर को इस बारे सभी जोनल रेलवे के प्रधान ‘चीफ कमर्शियल मैनेजरों’ को भेजे सर्कुलर के अनुसार अब पहले वाले टाइम-टेबल के अनुसार सभी नियमित सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रैस एवं पैसेंजर गाडिय़ों का परिचालन शुरू किया जाएगा। 

यात्री गाडिय़ों के नम्बर के शुरू में लिखा हुआ 0 (शून्य) हटा दिया जाएगा और वे पुराने नम्बरों से ही चलाई जाएंगी। विशेष नम्बर होने के कारण जो अधिक किराया लिया जा रहा था उसे समाप्त करके कोरोना काल से पहले जैसे किराए पर टिकट जारी किए जाएंगे। परंतु कोविड प्रोटोकोल जारी रखते हुए अनारक्षित कोच में टिकट की बुकिंग करवा कर ही यात्रा करने की अनुमति होगी। इसी प्रकार आरक्षित कोच में भी उन्हीं यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी जिनका टिकट कन्फर्म होगा। वेटिंग टिकट से भी यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी तथा साधारण श्रेणी के कोच में अनारक्षित टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। 

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि एडवांस में बुक हो चुकी टिकट पर रेलवे की ओर से न तो कोई अतिरिक्त किराया वसूल किया जाएगा और न ही कोई पैसा वापस किया जाएगा। रेलवे का यह भी कहना है कि भले ही स्पैशल किराया समाप्त किया जा रहा है परंतु कोरोना प्रोटोकोल का पालन करने के लिए सुरक्षा के दृष्टिगत रेलगाडिय़ों में पहले की भांति चादर, कम्बल तथा खाद्य पदार्थों की कैटरिंग (पैंट्री) की सुविधा बहाल नहीं की जाएगी। 

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हालांकि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए गए हैं परंतु इससे संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में एक-दो दिन लग सकते हैं तथा विशेष रेलगाडिय़ों और हॉलीडे स्पैशल रेलगाडिय़ों का किराया मामूली तौर पर कुछ अधिक होगा। देर से ही सही, रेलवे का उक्त निर्णय लोगों को कुछ राहत देने वाला ही है जिसे जल्द अमली जामा पहनाया जाना चाहिए।—विजय कुमार 


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