चंद पुलिस अधिकारी जो अपनी करतूतों से कर रहे ‘वर्दी को दागदार’

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 03:48 AM (IST)

हालांकि पुलिस विभाग पर देशवासियों की सुरक्षा का जिम्मा होने के नाते इनसे अनुशासित और कत्र्तव्य परायण होने की अपेक्षा की जाती है परन्तु आज देश में अनेक पुलिस कर्मचारी रिश्वतखोरी, यौन शोषण आदि में संलिप्त पाए जा रहे हैं जिसके चंद ताजा उदाहरण (इसी महीने के) निम्न में दर्ज हैं : 
* 1 जून को जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के ‘सुरेरी’ थाने में तैनात सब-इंस्पैक्टर हैदर अली को जमीन विवाद के मुकद्दमे से एक अभियुक्त का नाम निकालने के बदले में 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। 

* 2 जून को ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) के ‘जारचा’ थाने में तैनात सब इंस्पैक्टर योगेंद्र यादव को एक झगड़े के केस में फैसला होने के बाद भी एक पक्ष से 30,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया। 
* 3 जून को हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) के जलालपुर में पकड़ी गई गुटखा फैक्टरी के आरोपी का केस हल्का करने के बदले 50,000 रुपए मांगने के आरोप में एंटी क्रप्शन टीम ने एक दारोगा को पकड़ा। 
* 14 जून को मध्य प्रदेश पुलिस के सिपाही के विरुद्ध शादी का झांसा देकर अपनी मंगेतर से लगातार बलात्कार करने और फिर शादी के वायदे से मुकर जाने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई। 

* 15 जून को लखनऊ के चिनहट थाने में तैनात दारोगा प्रदीप यादव को मारपीट के मामले में धारा बढ़ाने के नाम पर शिकायतकत्र्ता से 5000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। 
* 21 जून को फरीदकोट (पंजाब) विजीलैंस ब्यूरो ने थाना सदर में तैनात एक हवलदार उत्तम जीत सिंह को 10,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
* 23 जून को मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस थाना के एक ए.एस.आई. गुरभेज सिंह तथा हवलदार ज्ञान सिंह पर विजीलैंस विभाग फतेहगढ़ साहिब ने 50,000 रुपए रिश्वत मांगने के मामले में केस दर्ज किया। 

* 24 जून को फतेहाबाद पुलिस ने हरियाणा पुलिस के एक होमगार्ड के विरुद्ध एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में केस दर्ज किया।
* 24 जून को ही सारण (बिहार) जिले के एक पुलिस दारोगा प्रभाकर भारती को एक मामले में शिकायत दर्ज करके आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए रिश्वत के रूप में शिकायतकत्र्ता से अपनी एक्स.यू.वी. कार की मुरम्मत का सामान (कम्प्रैसर, कंडैंसर और कूङ्क्षलग क्वायल) लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। सामान की कीमत लगभग 26,751 रुपए बताई जाती है।

*  25 जून को कानपुर में एक होमगार्ड के साथ मिल कर 2 कारोबारियों को सैक्स रैकेट में फंसा कर पीटने और उनके घर से लाखों के गहने लूट कर ले जाने और बाद में वापस करने के बदले 50,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में महिला दारोगा भुवनेश्वरी देवी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद निलंबित किया गया। 

* 28 जून को जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने कोतवाली थाने में कार्यरत कांस्टेबल ‘सही राम’ को शिकायतकत्र्ता से 25,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
* और अब 28 जून को राज्य सतर्कता टीम करनाल ने सैक्टर 32-33 थाना की ए.एस.आई. सरिता रानी को एक व्यक्ति और उसके बेटे के विरुद्ध  दहेज उत्पीडऩ तथा बलात्कार के केस की धाराएं समाप्त करने के बदले में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 

सरिता रानी एक केस में जांच अधिकारी थी जिसमें एक महिला ने अपने पति और ससुर पर दहेज की मांग करने और उससे बलात्कार करने का आरोप लगाया था। विजीलैंस विभाग के इंस्पैक्टर सचिन के अनुसार, ‘‘शुरू में इस अधिकारी ने केस का निपटारा करने के लिए 8 लाख रुपए की मांग की थी और कहा कि 4 लाख रुपए पहले देने हैं और 4 लाख काम होने के बाद। शिकायत के बाद विजीलैंस ने टीम गठित करके शिकायतकत्र्ता को कैमिकल लगे हुए 4 लाख रुपए दिए। जैसे ही उसने ए.एस.आई. सरिता को 4 लाख रुपए दिए, तभी विजीलैंस की टीम ने छापा मारकर उसे भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 

उक्त उदाहरणों से स्पष्ट है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिस विभाग के चंद अधिकारी आज किस कदर अपने मार्ग से भटक कर समूचे विभाग की बदनामी का कारण बन रहे हैं। अत: ऐसे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध तेजी से कार्रवाई करके उन्हें शिक्षाप्रद दंड दिया जाना चाहिए ताकि उनका हश्र देख कर अन्य पुलिस कर्मियों को नसीहत मिले और वे ऐसे कृत्य करने से दूर रहें।—विजय कुमार


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