PM और CM के सपने पर बिजली अधिकारियों का डाका, करोड़ों का गबन

बागपतः यूपी में पीएम मोदी और सीएम योगी के सपने को तोड़ने का काम बिजली विभाग के अधिकारी बाखूबी कर रहें हैं। बिजली विभाग में 5 अधिकारियों का एक ऐसा गिरोह काम रहा था, जो सरकारी खजाने को लूट रहा है। 10 या 20 लाख नहीं बल्कि 1 करोड़ 44 लाख रूपये से ज्यादा के सरकारी धन पर डाका डाला गया। इस गिरोह में बिजली विभाग के छोटे कर्मचारी नहीं बल्कि अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई, मुख्य खजांची जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं।

बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में बिजली विभाग के अधिकारियों ने 1 करोड़ 44 लाख रूपये से ज्यादा का गबन कर लिया। ये बात भी निकलकर आ रही है कि ये आंकड़ा 2 करोड़ को पार कर सकता है। बागपत में बिजली घर पर काउंटर पर उपभोक्ताओं से पैसा तो जमा कराया, लेकिन चालान से विभाग के खाते में जमा कराने के बजाय अपनी जेब भरने का काम किया।

जानिए क्या है मामला ?
दरअसल, कुछ महीने पहले सुरेश बाबू टीजी-टू था। कैशियर की कमी होने के चलते उसे बागपत में कैशियर बना दिया गया। सुरेश बाबू की नीयत में खोट था और उसने सरकारी धन पर डाका डालने का प्लान बना लिया। इसके लिए उसने एक गिरोह बनाया, जिसमें अधिशासी, अभियंता राजबीर सिंह, एसडीओ विकल्प महेश, मुख्य खजांची राजीव गौड़ और सहायक लेखाधिकारी ईशपाल सिंह को भी शामिल कर लिया। 1 करोड़ 44 लाख रूपये से ज्यादा की रकम का गबन कर लिया और फाइलों को दफन कर दिया गया।

अलग-अलग जगहों पर हुई आरोपियों की तैनाती
कुछ वक्त बाद सुरेश बाबू प्रमोशन पाकर जेई बन गया और गाजियाबाद के लोनी में तैनाती की, जबकि अधिशासी अभियंता राजबीर सिंह का नकुड़, सहायक लेखाधिकारी ईशपाल सिंह का पूर्वांचल विद्युत वितरण वाराणसी, एसडीओ विकल्प महेश का मेरठ के किठौर तबादला हो गया। जबकि मुख्य खजांची राजीव कुमार गौड बागपत में ही तैनात रहा।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बागपत में रहते हुए इन अधिकारियों ने गिरोह बनाया और सरकारी धन का गबन कर डाला। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे पीवीवीएनएल के एमडी आशुतोष निरंजन ने जांच कराई तो दूध का दूध पानी का पानी हो गया। मुख्य आरोपी जेई सुरेश को गिरफ्तार कर लिया गया और बाकी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की तलवार लटकी है।

PVVNL टीम कर रही जांच
अपने सख्त फैसलों के लिए जाने-जाने वाले आईएएस पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वाले मंजूर नहीं हैं और जेई को निलंबित करने के साथ और बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इस मामले में पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन ने जीएम फाइनेंस एच.के.अग्रवाल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है, जिनमें बागपत में तमाम जानकारियां जुटाई हैं। इस कमेटी को तीन दिन में ये रिपोर्ट सौंपनी है।

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