राजद लालू को फंसाए जाने की बात कह कर सामाजिक बैर भड़काने का प्रयास कर रहा

सासाराम: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी राजद जेल में बंद अपने अध्यक्ष लालू प्रसाद को “फंसाए जाने” का आरोप लगा कर राज्य में सामाजिक बैर बढ़ाने की कोशिश कर रही है जबकि वह अदालती आदेशों के मुताबिक चारा घोटाला मामलों में सजा काट रहे हैं। कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में एक रैली में अपने धुर प्रतिद्वंद्वी द्वारा उनके नाम लिखे “खुले पत्र” को लेकर निशाना साधा और विपक्षी पार्टी के चुनावी चिह्न का संदर्भ देते हुए राज्य के लोगों को आगाह किया, “अगर किसी भी तरह वे चुनावों में सफल होते हैं तो बिहार फिर से लालटेन युग में चला जाएगा।”

जद (यू) अध्यक्ष कुमार ने विपक्षी पार्टी या उसके नेता का नाम लिए बिना कहा, “एक तरफ हमारे विकास का मुद्दा, लोगों की सेवा की हमारी प्रतिबद्धता है। वहीं दूसरी तरफ वे लोग हैं जो संपत्ति के लिए सत्ता के पीछे हैं। वे संविधान एवं उसको कथित तौर पर खतरा होने की बात करते हैं। संविधान का प्रावधान है कि कोई व्यक्ति किसी आरोप में अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाता है और उसे सजा दी जाती है।' मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन वे आरोप लगा रहे हैं कि ‘फंसाया गया है'। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने वाले किसी व्यक्ति के लिए हम यह नहीं कह सकते कि उसे फंसाया गया है। लेकिन वे सामाजिक द्वेष भड़काने के लिए लगातार यही आरोप इस उम्मीद में लगा रहे हैं कि उन्हें चुनावी फायदा मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “मैं अखबार में आज यह पढ़ कर चकित था कि उन्होंने मुझे खुला पत्र लिखा है। मैं सोच रहा हूं कि वह जेल में रहते हुए ऐसा कैसे कर पाए। इसके अलावा जैसे उन्होंने लालटेन की बात की है तो मैं राज्य के लोगों को आगाह करना चाहता हूं। सावधान, अगर किसी भी तरह वे चुनाव में सफल होते हैं तो बिहार वापस लालटेन युग में चला जाएगा।” अपने इस खुले पत्र में प्रसाद ने कुमार के बार-बार “लालटेन” वाला तंज कसने को लेकर कहा कि लैंप “प्रेम एवं भाईचारे के प्रकाश” का प्रतीक है। वहीं इसके उलट जद (यू) का चुनावी चिह्न “तीर'' “हिंसा का प्रतीक” है जिसकी “ वर्तमान मिसाइल युग में कोई अहमियत नहीं रह गई है।

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