सटोरियों के कब्जे में सी.एम. सिटी

करनाल (पांडेय):‘सेशन एक पैसे का है’, ‘मैने चव्वनी खा ली है’, ‘डिब्बे की आवाज कितनी है’, ‘तेरे पास कितने लाइन है’, ‘आज फेवरिट कौन है’, ‘लाइन को लंबी पारी चाहिए’... कहने को ये सिर्फ चंद बेमतलब से शब्द लगे लेकिन इनके बोलने में सी.एम. सिटी करनाल के अंदर करोड़ों का लेन-देन हो रहा है। शांत शहर के रूप में पहचाना जाने वाले कर्ण नगरी की अब एक और पहचान बनती जा रही है। यह शहर अब सट्टा बाजार का स्वर्ग बनता जा रहा है।

आई.पी.एल. मैच शुरू होने के बाद से शाम होते ही अब ये शब्द यहां लोगों के फोन पर गूंजने लगते हैं और शुरू हो जाता है करोड़ों का खेल। इस खेल से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं स्कूल और कालेज जा रहे युवा। नाबालिग युवाओं को सब्जबाग दिखाकर इस दलदल में धकेला जा रहा, वहीं पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने की जगह मौन साधे बैठा है जिसके कारण ही यहां पर सट्टा बाजार खूब फल-फूल रहा है और अब यहां हर माह करीब 500 करोड़ तक का सट्टा लगने लगा है।

आई.पी.एल. मैच शुरू होने के बाद से ही करनाल सटोरियों का पसंदीदा स्थान बन गया है। बुकियों ने शहर में बुक चलाने के लिए कई जगह पर गुप्त अड्डे बना रखे हैं। उत्तराखंड पुलिस ने एक अप्रैल को हरिद्वार के एक निजी होटल में छापा मारकर करनाल के 10 लोगों को आई.पी.एल. में सट्टा लगाते पकड़ा था। इनमें माहर निवासी विनोद कुमार, उपकार कालोनी निवासी मोहित, हांसी रोड निवासी सन्नी, जुडड़ा गेट निवासी सुशील, मलका मोहलला निवासी पवन, राजीवपुरम निवासी पुनीत कुमार, सैक्टर-16 निवासी आशीष सट्टर, कोट मोहल्ला निवासी सोनू, मुगला मोहल्ला निवासी तुषार खुराना, मुगला मोहल्ला निवासी विक्रांत हन्दूजा शामिल हैं। इन सटोरियों से पुलिस ने 1 लाख 1 हजार रुपए की नकदी, 29 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 1 एल.ई.डी. टी.वी. बरामद की।

इनकी गिरफ्तारी से करनाल में मौजूद सटोरियों में भी हड़कंप मच गया था। पुलिस द्वारा पूछताछ में इन सटोरियों ने कबूल किया कि उनका मुख्य अड्डा करनाल है, यहां पर वे आई.पी.एल. में सट्टा लगाने आए हैं। पकड़े गए इन आरोपियों से खुलासा हुआ था कि करनाल अब सट्टा बाजार का पसंदीदा बाजार बन गया है। यहां पर आई.पी.एल. के अलावा चुनाव, मौसम पर जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस ने हरियाणा पुलिस को इस संबंध में सूचना भी दी थी लेकिन इसके बाद भी अभी तक इन सटोरियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे साफ जाहिर होता है कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा इन्हें संरक्षण मिला हुआ है। 

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