सी.एच.बी. ने नीड बेस्ड चेंज को दी अनुमति अब बदलाव नियमित करवा सकेंगे अलॉटी

चंडीगढ़ (राजिंद्र) : चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड (सी.एच.बी.) ने विभिन्न हाऊसिंग स्कीम्स के तहत अलॉट किए गए अपने मकानों में नीड बेस चेंज की अनुमति दे दी है। चंडीगढ़ के प्रशासक की अप्रूवल के दो माह बाद बोर्ड की ओर से इसकी अनुमति दे दी गई है। बोर्ड ने इन आदेशों को अपनी वैबसाइट पर भी लोगों की सुविधा के लिए अपलोड कर दिया है, ताकि उसके मुताबिक अलॉटी अपने बदलाव नियमित करवा सकें। बोर्ड के इस फैसले से 60 हजार अलॉटियों को फायदा होना है। बोर्ड के आदेशों के तहत एडीशनल कवरेज के लिए 200 प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से फीस तय की गई है।

 इसके अलावा प्रत्येक वायलेशन के लिए भी न्यूनतम फीस 20 हजार रुपए तय की गई है। गौरतलब है कि हाऊसिंग बोर्ड अलॉटी पिछले लंबे समय से इन बदलावों को नियमित करने की मांग कर रहे थे। अलॉटियों को ये बदलाव करने के लिए व्यक्तिगत रूप से परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। शहर में 62 हजार में से 55 हजार के करीब मकानों में कई प्रकार की वायलेशन है। इसमें अतिरिक्त टॉयलेट्स, कमरों का निर्माण, बालकनी को कमरों में बदलना और सरकारी भूमि पर सीढिय़ों का निर्माण करना आदि वायलेशन शामिल हैं। 

एडीशनल कंस्ट्रक्शन को दी मंजूरी 
बोर्ड ने नीड बेस चेंज के अंदर आंगन और छतों में एडीशनल कंस्ट्रक्शन को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें एच.आई.जी., एम.आई.जी. कैटेगरी के लिए अलग-अगल एरिया तय किया गया है। इसमें कुल कंस्ट्रक्शन का 50 से 75 प्रतिशत तक फाइनल किया गया है। इसमें अधिकतम 150 स्क्वेयर फीट तक कंस्ट्रक्शन की जा सकती है। 

आगे, पीछे 3 फीट की बालकनी की अनुमति
बोर्ड ने अपार्टमैंट की लंबाई के हिसाब से आगे और पीछे 3 फीट की बालकनी की अनुमति दी है। ये अनुमति तभी ली सकती थी, जब बिल्डिंग में अपार्टमैंट के मालिक एक साथ इसके निर्माण के लिए राजी हों। इसके अलावा कार खड़ी करने के लिए बरामदे को कवर करने की भी इजाजत दी है। इसमें स्टील पाइप फ्रेम और पॉलीकार्बोनेट शीटिंग के साथ बाऊंड्री वॉल के अंदर इसे कवर किया जाना है। इसके अतिरिक्त बरामदें में सुरक्षा के लिए शटर स्लाइडिंग ग्रिल की भी इजाजत दी 
गई है। 

बालकनी और बरामदे में ग्रिल लगाने की दी इजाजत 
हाऊसिंग बोर्ड ने बालकनी और बरामदों में आम डिजाइन के लिए ग्रिल लगाने की भी इजाजत दी है, इसमें सभी प्रकार के मकान शामिल हंै। इसके लिए ड्राइंग पेमैंट करने के बाद बोर्ड की वैबसाइट से डाऊनलोड की जा सकती है। बोर्ड ऑफिस से भी इसे लिया जा सकता है। इसमें बरामदों और बालकनी के साइज के मुताबिक ही ग्रिल का डिजाइन तय किया जा सकता है। आदेशों के मुताबिक मेन गेट की चौड़ाई 12 फीट तक बढ़ाई जा सकेंगी, जबकि उंचाई 6 फीट तय की जा सकती है। इसके अलावा सिक्योरिटी पर्पज के लिए बाऊंड्री वॉल के अंदर ग्रिल भी लगाई जा सकेंगी, ताकि इसका ऊपरी हिस्सा गेट के टॉप तक मैच कर सके।

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