पूर्व PM से ''वृक्षमित्र'' की उपाधि पाने वाले विश्वेश्वर दत्त का निधन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ संस्कार

ऋषिकेशः देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के द्वारा 'वृक्ष मित्र' की उपाधि पाने वाले विश्वेश्वर दत्त सकलानी का शुक्रवार को निधन हो गया। उनका शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के अनुसार, वृक्षमानव विश्वेश्वर दत्त सकलानी ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। चंबा पुलिस लाइन शायरी सलामी गारद की टुकड़ी ने शस्त्र झुका कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शनिवार को वृक्षमानव को राजकीय सम्मान के साथ ऋषिकेश के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ। बड़े बेटे विवेक सकलानी ने उन्हें मुखाग्नि दी।


वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वृक्षमानव के नाम से विख्यात विश्वेश्वर दत्त सकलानी जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को धैर्य प्रदान करें। सीएम ने कहा कि सकलानी जी आजीवन पर्यावरण रक्षा के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने 50 लाख से अधिक पौधे लगाकर देवभूमि को हरित भूमि बनाने में अतुलनीय योगदान दिया।

बता दें कि टिहरी के सकलाना पट्टी के पुजार गांव में जन्मे वृक्ष ऋषि विशेश्वर दत्त सकलानी का जन्म 2 जून 1922 को हुआ। उन्हें बचपन से ही प्रकृति से प्रेम था, जिसके चलते उन्होंने 8 साल की उम्र से ही पेड़ लगाने शुरू कर दिए। इसके अतिरिक्त 1986 में राजीव गांधी ने इन्हें वृक्ष मित्र की संज्ञा दी थी।

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