बाजार में धड़ल्ले से चल रहे हैं 500 के जाली नोट, ऐसे पहचाने असली-नकली का फर्क

नई दिल्ली: साल 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से बाजार में धड़ल्ले से नकली नोट चल रहे हैं। बैंक अधिकारियों ने इस मामले संबंधी अपने स्टाफ को पहले से अधिक सतर्कता बरतने का आदेश दे दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था में सेंध लग गई है जिस कारण धड़ल्ले से नकली नोटों का व्यापार चल रहा है। इस संबंध में आर.बी.आई. से लेकर बैंक तक सतर्क हो गए हैं। गौरतलब है कि 8 नवम्बर 2016 को नोटबंदी के बाद सरकार ने यह भी दलील दी थी कि नोटबंदी से नकली नोट रखने एवं बनाने वालों को झटका लगेगा।


नकली नोटों पर रिजर्व बैंक के स्पैलिंग गलत
रिपोर्ट के मुताबिक नकली नोटों का इस्तेमाल बैंक कर्मचारियों से लेकर आम जनता तक के लिए परेशानी का सबब बन गया है। देश के एक बड़े पब्लिक सैक्टर बैंक के अधिकारी ने इस पर कहा कि बाजार में 500 रुपए के नकली नोट सर्कुलेट हो रहे हैं जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आर.बी.आई.) के स्पैलिंग गलत हैं। इन नकली नोटों पर reserve bank of india  की जगह resurve bank of india  लिखा हुआ है। इस संबंधी ए.टी.एम. में नकदी प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली सेवा प्रदाताओं को भी सतर्क कर दिया गया है।

वित्त वर्ष 2018 में पकड़े गए थे 5,22,783 नकली नोट
पिछले साल अगस्त माह में आर.बी.आई. ने कहा था कि वित्त वर्ष 2018 में कुल 5,22,783 नकली नोटों को सिस्टम से निकाला गया है। इसमें से केन्द्रीय बैंक के अतिरिक्त 63.9 प्रतिशत नोटों को बैंकों ने पहचान लिया था। ध्यान देने वाली बात है कि वित्त वर्ष 2018 के पहले वाले वित्त वर्ष में कुल पहचान किए जाने वाले नकली नोटों की संख्या काफी कम थी। वित्त वर्ष 2017 में केवल 4.3 प्रतिशत नकली नोटों की ही पहचान की गई थी।

 

 

Related Stories:

RELATED मनोज सिन्हा के गृह जनपद में लोगों ने चुनाव का किया बहिष्कार, कहा- दबाएंगे नोटा