हार्दिक पटेल का अनशन ड्रामा, इलाज के नाम पर की अय्याशी: दिनेश बाभणिया

अहमदाबाद: पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता दिनेश बाभणिया ने शनिवार को संगठन के मुख्य संयोजक हार्दिक पटेल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल का हालिया अनशन एक ड्रामा था तथा उन्होंने हाल में इलाज के नाम पर अय्याशी की और 50 हजार की रकम खर्च कर मसाज (मालिश) कराया। दिनेश ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए पटेल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार और जद यू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से भी चुपचाप मुलाकात की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हार्दिक ने किडनी के इलाज के नाम पर अपने दिल्ली दौरे के दौरान वहां एक पब में डांस किया था। हार्दिक के लिए पूर्व में आधी रात को गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके और कई मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रह चुके दिनेश ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाए और हार्दिक पर निजी लाभ के लिए पाटीदार समाज को धोखा देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने बतौर सबूत कई दस्तावेज पेश किए। उन्होंने कहा कि हार्दिक को अब आरक्षण के मुद्दे अथवा राजद्रोह के मामले में जेल में बंद साथी अल्पेश कथिरिया की रिहाई में कोई रुचि नहीं है। हार्दिक का जब आमरण अनशन जारी था तभी बेंगलुरू के जिंदल नेचर केयर सेंटर में उनके इलाज के लिए बुकिंग हो चुकी थी। यह अनशन एक नाटक था। वहां इलाज के नाम पर तीन लाख 60 हजार का बिल भुगतान किया गया। हार्दिक ने बेंगलुरू में 50 हजार रुपए खर्च कर मालिश यानी मसाज कराया था।

बांभणिया ने आरोप लगाया कि हार्दिक के पीछे नीतिश कुमार की जदयू ने बहुत पैसे खर्च किए हैं। प्रशांत के साथ बैठक के बाद हार्दिक अब आरक्षण के मुद्दे पर बात नहीं कर रहे। अगस्त 2015 में आरक्षण रैली के बाद भड़की हिंसा के मामले में दर्ज राजद्रोह के मुकदमें में हार्दिक के साथ सह-आरोपी बांभणिया ने कहा कि अब अल्पेश की जेल मुक्ति के लिए 15 नवंबर से सूरत से एक मौन रैली शुरू होगी जो उनकी रिहाई होने तक जारी रहेगी।

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