रूस का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू,  चीन के हिस्सा लेने से विशेषज्ञ हैरान(photos)

मॉस्कोः रूस ने शीत युद्ध के बाद मंगलवार को वोस्टॉक 2018  नामक सबसे बडा युद्धाभ्यास शुरू किया है। खास बात यह है कि इस वॉर गेम्स में रूस के साथ चीनी और मंगोलिया के सैनिक भी हिस्सा लेंगे। स्टॉक 2018 नामक सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है  । खास बात यह है कि इस वॉर गेम्स में रूस के साथ चीनी और मंगोलिया के सैनिक भी हिस्सा लेंगे।


रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पूर्वी साइबेरिया में 11 से 17 सितंबर तक होने वाले इस युद्धाभ्यास में रूसी सेना की कई डिवीजनें, उत्तरी बेड़ा और प्रशांत बेड़ा शामिल है।  इसमें रूस के 3 लाख सैनिक, 36 हजार टैंक, 1000 से ज्यादा विमान, 36000 लड़ाकू वाहन और 80 युद्धपोत शामिल हो रहे हैं। रूस वोस्टोक 2018 के जरिए इस्कैंडेर मिसाइल, टी-80 और टी-90 टैंक के साथ एसयू-34 और एसयू-35 लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन करेगा।

 यह सैन्य युद्धाभ्यास दो चरणों में और पांच जगहों पर होगा। इनमें जापानी सागर, बेरिंग सागर और ओखोत्स्क सागर भी शामिल हैं। 11 सितंबर को शुरू हुआ पहला चरण 17 सितंबर को खत्म होगा। इसमें जवानों को रूस के पूर्वी भाग, उत्तर-प्रशांत और उत्तरी सागर के पास तैनात किया जाएगा। यह युद्धाभ्यास 1981 में हुए युद्धाभ्यास जैसा है, पर इस बार जवानों की संख्या कई गुना ज्यादा है।
इस सैन्य अभ्यास में रूस के 3 लाख सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

यह रूसी सेना की 10 लाख सैनिकों में से एक तिहाई है।  विशेषज्ञों को सबसे ज्यादा हैरानी युद्धाभ्यास में चीन की शिरकत से हो रही है। चीन के 3,000 सैनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं। 2003 से अब तक रूस और चीन की सेनाएं करीब 30 बार साझा सैन्य अभ्यास कर चुकी हैं। लेकिन वोस्टॉक 2018 में पहली बार चीन रूस के साथ रणनैतिक स्तर पर युद्धाभ्यास कर रहा है। इससे पहले सिर्फ बेलारूस ने ही रूस के साथ ऐसा रणनैतिक युद्धाभ्यास किया था। युद्धाभ्यास के समय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस पहुंचे। वे रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से मिले। 


 

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