प्रधानमंत्री आवास योजना : नहीं मिली मिनीस्ट्री की अप्रूवल, प्रोजैक्ट लटका

चंडीगढ़(राजिंद्र) : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफोर्डेबल हाऊ सिंग प्रोजैक्ट को अभी मिनिस्ट्री की अप्रूवल नहीं मिली है। ऐसे में प्रोजैक्ट लटकता जा रहा है। चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड (सी.एच.बी.) ने मार्कीट रेट से कम कीमत पर जमीन देने की मिनिस्ट्री से मांग की थी पर अभी तक बोर्ड को मंजूरी नहीं मिली है। 

इससे पहले गत जून में गृहसचिव ने मिनिस्ट्री ऑफ हाऊसिंग अफेयर्स के अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसमें मिनिस्ट्री ने इसकी जल्द अप्रूवल का आश्वासन दिया था। हालांकि इसके बाद भी इसमें कुछ नहीं हो पाया है। 

सी.एच.बी. के चेयरमैन अजोय कुमार सिन्हा ने बताया कि जैसे ही मिनिस्ट्री की अप्रूवल मिलेगी। सी.एच.बी. को इस प्रोजैक्ट के लिए नोडल एजैंसी बनाया था। बोर्ड ने गत वर्ष 20 मार्च को अफोर्डेबल हाऊसिज देने के लिए यह प्रोजैक्ट शुरू किया था। इकोनॉमिकली विकर सैक्शन, लोयर इन्कम ग्रुप और मीडियम इन्कम ग्रुप का डिमांड सर्वे किया था। 

इसके बाद ही योजना के तहत इच्छुकों से आवेदन मांगे थे, जिसके बाद ही बोर्ड ने 444 लोगों के नामों की फाइनल लिस्ट जारी की थी। बाद में जो लोग किसी कारण डाक्यूमैंट पूरे नहीं कर पाए थे, उन्हें एक और मौका दिया था। यही वजह है कि बाद में छंटनी में कुल 9 हजार लोग योग्य पाए गए थे। 

इनके डॉक्यूमैंट्स जांचने के बाद ये लिस्ट तैयार की थी। बोर्ड ने इसके बाद ही अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजैक्ट की लिस्ट में योग्य पाए गए इन लोगों के लिए मकान बनाने का फैसला लिया था, जिसे तीन अलग-अलग लोकेशन में बनाया जाना है।

1.27 लाख ने किया था अप्लाई :
योजना में 1.27 लाख लोगों ने चंडीगढ़ में अप्लाई किया था। सी.एच.बी. जहां आशा कर रहा है कि अधिग्रहण दर पर ही उन्हें इसके लिए जमीन मिल जाए, जो 3.1 करोड़ प्रति एकड़ है। लेकिन केंद्र ने 2012 में जो लैटर जारी किया था, उसके तहत ऐसे प्रोजैक्ट के लिए जमीन दर मार्कीट रेट्स से कम नहीं हो सकती है, जोकि 30 करोड़ प्रति एकड़ है। 

मार्कीट रेट पर जमीन अलॉट होती तो फ्लैट्स के बढ़ेंगे रेट्स :
अगर मार्कीट रेट्स पर ही प्रशासन को इस प्रोजैक्ट के लिए जमीन अलॉट होती है, तो फ्लैट्स रेट्स काफी अधिक बढ़ जाएंगे। ई.डब्ल्यू.एस. फ्लैट्स की कीमत 25 लाख तक पहुंच जाएगी। अधिग्रहण दर पर इसकी कीमत करीब 10 लाख ही होगी। बोर्ड मलोया, धनास और मौलीजागरां में योजना के तहत फ्लैट्स का निर्माण करवाने पर विचार कर रहा है।
 

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