पीड़िता महिला प्रोफैसर ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

चंडीगढ़(रश्मि):पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व वी.सी. प्रो. अरुण कुमार  ग्रोवर पर लगा सैक्सुअल हरासमैंट के आरोप का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले का आरोप लगाने वाली महिला प्रोफैसर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने पी.यू. के रजिस्ट्रार से 14 सितम्बर तक जवाब मांगा है। केस में पी.यू. के चांसलर, पूर्व वी.सी. प्रो. अरुण ग्रोवर, केंद्र सरकार, रजिस्ट्रार कर्नल जी.एस. चड्ढा और हरियाणा के सहकारिता एवं सतर्कता विभाग की चेयरपर्सन को भी पार्टी बनाया गया है।

बता दें कि पूर्व वी.सी. ग्रोवर को जब 2015 में दूसरी टर्म मिली तो महिला प्रोफैसर उन्हें बधाई देने उनके कार्यालय पहुंची थी। इस मौके पर कुलपति ने कुछ कह दिया, जिसे महिला प्रोफैसर ने अपमान माना। महिला प्रोफैसर ने कुलपति पर उन्हें हरास करने का आरोप लगाया। कई बार जांच कमेटी ने जांच की, लेकिन हल नहीं निकला। मुद्दा  पी.यू. के चांसलर तक भी पहुंचा और उन्होंने पी.यू. प्रबंधन ने कमेटियां बनाने को कहा। कमेटियां पी.यू. प्रबंधन को क्यों बनाने के लिए कहा जा रहा है।

बाद में हरियाणा की एक आई.ए.एस. अफसर नवराज संधू को जांच सौंपी गई, लेकिन नवराज कमेटी को 90 दिन में रिपोर्ट देनी थी पर तय समय में रिपोर्ट नहीं दी गई। महिला प्रो. ने कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा ही नहीं। महिला प्रो. ने नहीं, दूसरी बार 15 दिन का समय मांगा, जिस पर कमेटी ने 18 सितम्बर तक कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने का मौका दिया हुआ है।

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