SC/ST एक्ट के विरोध में आज भारत बंद ,सवर्णों के निशाने पर बड़े राजनीतिक दल

जालंधर(सोमनाथ):केंद्र सरकार द्वारा एस.सी./एस.टी. एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में 35 संगठनों ने 6 सितम्बर को भारत बंद की काल दी है। संगठनों ने बंद की काल करणी सेना के नेतृत्व में दी है और इस कानून के खिलाफ  मध्य प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं एवं मंत्रियों को काले झंडे दिखाए जा रहे हैं। इस बीच सवर्ण जनकल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि उनका संगठन एस.सी./एस.टी. एक्ट के विरोध में 6 सितम्बर को शांतिपूर्ण भारत बंद का समर्थन करेगा। बड़ा सवाल यह पैदा हो रहा है कि एस.सी./एस.टी. एक्ट को लेकर हाल ही में राजनीति क्यों गर्मा गई है इसके 2 कारण गिनाए जा रहे हैं- पहला मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव और दूसरा एक सांसद का मीडिया में दिया गया बयान।  
  

इससे पहले एस.सी./एस.टी. एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को बंद की काल दी थी और सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी। इस वजह से मध्य प्रदेश प्रशासन इस बार भारत बंद को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। भारत बंद को देखते हुए मध्य प्रदेश के 3 जिलों मुरैना, भिंड एवं शिवपुरी में एहतियात के तौर पर धारा 144 लगा दी गई है जो भारत बंद के अगले दिन यानी 7 सितम्बर तक प्रभावी रहेगी। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटैलीजैंस) मकरंद देउस्कर ने बताया कि भारत बंद के मद्देनजर प्रदेश के सभी 51 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

ऐसा क्या कहा सांसद ने कि राजनीति गर्मा गई
बीते दिनों फतेहपुर सीकरी लोकसभा हलके के सांसद चौधरी बाबूलाल ने एक विवादित बयान दे दिया। दरअसल सवर्ण समाज के लोग फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल के घर पर एस.सी./एस.टी. एक्ट का विरोध करते हुए उनका घेराव कर रहे थे कि तभी चौधरी बाबूलाल ने दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए सियासत के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। चौधरी बाबूलाल ने साफ  कहा कि जब दूसरे पक्ष के लोग पूरे देश में आग लगा सकते हैं तो तुम लोग अपने घरों से क्यों नहीं निकल सकते। धरना प्रदर्शन और ज्ञापन से कुछ नहीं होगा। इतना ही नहीं मीडिया के सामने बयान देते हुए सांसद चौधरी बाबूलाल ने मीडिया को भी नसीहत दे दी।

पार्टी में विरोध, डैमेज कंट्रोल के प्रयास
सवर्ण वर्ग की नाराजगी को भांपते हुए भाजपा ने भले ही डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है मगर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा ने पहले उच्च वर्ग को खुश करने के लिए एस.सी./एस.टी. एक्ट में बदलाव की कोशिश की मगर जब दलित समुदाय की नाराजगी बढ़ी तो भाजपा ने दलित समुदाय को खुश कर दिया। चर्चा है कि इसी के चलते सामान्य वर्ग भाजपा से नाराज चल रहा है। ऐसा मंगलवार को पार्टी नेताओं की दिल्ली में हुई बैठक में भी सामने आया। भाजपा ने मंगलवार को दिल्ली में 15 राज्यों के पार्टी से संबंधित मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर उच्च जाति की नाराजगी दूर करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने एस.सी./एस.टी. एक्ट को लेकर कहा है कि जमीनी स्तर पर एस.सी./एस.टी. एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं कानून के खिलाफ नहीं हूं लेकिन लोगों के अंदर असमानता का भाव पैदा हो रहा है। अधिकारी भी डर रहे हैं कि अगर मुकद्दमा दर्ज नहीं हुआ तो उन पर कार्रवाई हो जाएगी। फर्जी मुकद्दमों में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। 

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज में बेचैनी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जिम्मेदार है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम मानते हैं कि समाज के हर वर्ग को शांतिपूर्वक तरीके से अपनी बात कहने, अपना पक्ष रखने का पूर्ण अधिकार है। देश में लचर अर्थव्यवस्था है, डूबता रुपया है, भयंकर बेरोजगारी है, दोषपूर्ण जी.एस.टी. है, लघु और मध्यम उद्योगों पर जबरदस्त मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सवर्णों सहित समाज के सभी वर्गों में बेचैनी, चिंता और आक्रोश है तो इसका जिम्मेदार कौन है, इसकी जिम्मेदार सरकार है। 


 

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