केरल: डूबते बच्चे को मौत के मुंह से निकाल लाया NDRF जवान, लोगों ने किया सलाम

नेशनल डेस्क:केरल में पिछले कुछ समय से बाढ़ और बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। जिस कारण कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। वहीं बाढ़ के इस आतंक के बीच राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के बचाव अधिकारी एक बच्चे के ​लिए फरिश्ता बनकर आए। कन्हैया कुमार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चे को डूबने से बचाया। अधिकारी की बहादुरी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 


दरअसल शुक्रवार को इडुक्की डैम का पांचवा शटर खोला गया जिस कारण नदी में पानी तेजी से बढ़ने लगा। इसी बीच बिहार निवासी कन्हैया कुमार ने देखा कि पुल के दूसरी तरफ एक पिता अपने बच्‍चे के साथ खड़े है लेकिन पानी के बढ़ते बहाव के कारण वह पुल पार करने में असमर्थ हैं। कन्‍हैया कुमार तुरंत पिता-पुत्र के पास पहुंचे और बच्‍चे को गोद में लेकर वहां से भागे और पिता से पीछे-पीछे दौड़कर आने को कहा। जैसे ही वह वहां से निकले इसके चंद मिनटों बाद पुल पानी में डूब गया।



यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई जिसके बाद लोग एनडीआरएफ अधिकारी को बहादुरी के लिए सलाम कर रहे हैं। वहीं बचाव मिशन के लिए इडुक्की जिले में तैनात किए गए कुमार ने बताया कि मैं पिछले छह सालों से इस काम में लगा हूं। उन्होंने बताया कि मुझे एहसास हुआ कि मैं पास के अस्पताल ले जाकर बच्चे की मदद कर सकता हूं और मैंने ऐसा ही किया। मुझे नहीं पता था कि मेरे इस छोटे से काम की वजह से सब मुझे जानने लगेंगे। मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने प्यार दिया और इस काम के प्रति सम्मान जताया।

एनडीआरएफ ने वायनाड जिले के ओरापली गांव में काबिनी नदी में फंसे एक व्यक्ति, दो महिलाओं और तीन बच्चों को भी बचाया है। एनडीआरएफ ने अपने कर्मियों द्वारा कुछ लोगों और एक कुत्ते को बचाने वाली एक तस्वीर ट्वीट कर कहा कि तमाम जरूरतमंदों के लिए फिक्रमंद। चाहे वे इंसान हों या जानवर।  केरल के विभिन्न हिस्सों में बचाव और राहत अभियान में एनडीआरएफ की 14 टीमें, सेना के 10 स्तंभ, वायुसेना और नौसेना के कर्मी और हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं। 

 

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