यूजीसी नेट-जेईई परीक्षार्थियों को एनटीए का दोहरा तोहफा

नई दिल्ली: मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश और प्रोफेशनल योग्यता की परीक्षा लेने के लिए नवगठित टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नेट-जेईई की परीक्षा देने वालों को दोहरा तोहफा दिया है। एक ओर जहां परीक्षा को पहले की तुलना में तीन गुना अधिक शहरों में आयोजित किया जा रहा है वहीं फीस में भी 20 से 50 फीसदी की कटौती की गई है। 

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एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा कि परीक्षा कम्प्यूटर पर होनी है। ऐसे में कागज (पेपर) की लागत शून्य हो गई है। जिसका लाभ परीक्षार्थियों को दिया जा रहा है। पहले यूजीसी नेट परीक्षा देश के 91 शहरों में आयोजित होती थी अब 273 शहरों में इसका आयोजन किया जाएगा। एनटीए महानिदेशक ने बताया कि परीक्षा केंद्र परीक्षार्थियों के घर के पास ही हो इसलिए परीक्षा केंद्रों की संख्या को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर छात्रों के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज 8 सितम्बर से शुरू की जा रही है। इसके लिए इन सेंटर्स पर पिछले प्रश्नपत्र को आधार बनाकर मॉक टेस्ट सीरीज होगी। जिसके द्वारा विद्यार्थी कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा देना सीख सकेंगे। इसके अलावा 7 सितम्बर से एनटीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन टेस्ट सीरीज अपलोड की जाएगी। विद्यार्थी इसे घर बैठे हल करके ऑनलाइन परीक्षा का अभ्यास कर सकेंगे। 

 

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फीस की कटौती 
यूजीसी नेट की फीस सामान्य श्रेणी में 1000 रुपए से घटाकर 800 रुपए कर दी गई है। नॉन क्रीमी लेयर ओबीसी के लिए 400 एसटी-एससी, दिव्यांग और थर्ड जेंडर के लिए 200 रुपए फीस कर दी गई है। जेईई मेन्स परीक्षा में 80 फीसदी विद्यार्थी पेन-पेपर से परीक्षा देते थे। इसका शुल्क 1000 रुपए था और ओबीसी श्रेणी के लिए यही शुल्क 500 रुपए था। अब ओबीसी और सामान्य श्रेणी के एक पेपर के लिए 500 और दोनों पेपर के लिए 900 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। यही शुल्क छात्राओं के एक पेपर के लिए 250 रुपए और दोनों पेपर का शुल्क 450 रुपए रखा गया है। 
 

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