तेलंगाना के बाद आंध्र प्रदेश विधानसभा हो सकती है भंग!

नेशनल डेस्कःतेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा राज्य विधानसभा को भंग किये जाने के 6 दिन बाद, अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी राज्य विधानसभा को भंग करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि तेलंगाना काके साथ ही आंध्र प्रदेश के चुनाव हो सकें।



सूत्रों के मुताबिक, दोनों राज्यों के समय से पूर्व चुनाव कराए जाने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य में साल के अंत में चुनाव होने हैं। अगर आंध्र प्रदेश के सीएम नायडू राज्य एक सप्ताह के अंदर राज्य विधानसभा को भंग करने की घोषणा करते हैं तो तीन की बजाय पांच राज्यों में एक साथ चुनाव हो सकते हैं।



इससे पहले 6 सितंबर को तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने राज्य विधानसभा को भंग कर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया था, जिसके बाद राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक सीएम की जिम्मेदारी दी है। दिलचस्प बात यह है कि अपने बड़े राजनीतिक दांव के बाद केसीआर ने अपनी टीआरएस पार्टी ने राज्य के 119 उम्मीदवारों में से 105 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी हैं। उन्होंने अपने उन सीटों पर किसी को भी उम्मीदवार नहीं बनाया है, जहां पर भाजपा विधायकों को सीट मिल सकती है, जिससे राज्य में अटकलें तेज हो गई हैं कि टीआरएस भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है।

तेलंगाना के चुनावों की तिथि के अटकलों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने स्पष्ट किया कि राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी पार्टी की सुविधानुसार नहीं किया जाएगा।

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